तन्मय कपूर ने दिलाई कोटा टैलेंट को पहचान

कोटा. इस शहर से टैलेंट का चमकता नाम है तन्मय कपूर, एक ऐसा युवा, जिसने संघर्ष, सपनों और जुनून को मिलाकर खुद की अलग पहचान बनाई. तन्मय की फिल्मी यात्रा 2011 में शुरू हुई, जब 10वीं के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक डिप्लोमा जॉइन किया. एक कॉलेज फ़ंक्शन में डांस परफॉर्मेंस ने उनके भीतर ‘हीरो बनने’ का सपना जगा दिया. परिवार और दोस्तों के सपोर्ट ने उन्हें मुंबई पहुंचाया, जहां उन्होंने थिएटर और एक्टिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली.
कुछ समय बाद, जब तन्मय 12वीं की परीक्षा देने कोटा लौटे, तो किस्मत ने दरवाज़ा खोला—‘Kota Junction’ फिल्म के सेट पर उनका पहला छोटा रोल मिला. यही छोटी शुरुआत उनके लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी. जल्द ही वे कोटा के एक और ऑडिशन में सिलेक्ट हुए, जहां उन्हें एक्टिंग के साथ-साथ असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम करने का मौका मिला और यहीं से उनकी असली फिल्मी जर्नी शुरू हुई.
म्यूज़िक वीडियोज़ का निर्देशन भी किया
इसके बाद तन्मय मुंबई लौटे और ‘Dhara 302’, ‘Meri Beti Mera Maan’ जैसी फिल्मों और DD National के शो ‘Mera Gaon Mera Desh’ में काम किया. इसके साथ ही उन्होंने म्यूज़िक वीडियोज़ का निर्देशन शुरू किया और फिर ‘Chillar Gang’ में एसोसिएट डायरेक्टर और एक्टर दोनों रूप में नज़र आए. यह फिल्म रिलीज़ होते ही चर्चाओं में आई और 24 दिनों तक थिएटर्स में चली—इसने तन्मय को पहचान दिलाई. ‘Tere Pyar Mein’ और ‘Pappu Panoti’ जैसी फिल्मों पर काम शुरू हुआ, लेकिन कुछ रुकावटों के कारण शूटिंग अधूरी रह गई.
संघर्ष बढ़ा, लेकिन तन्मय नहीं टूटे. एक साल का ब्रेक लेने के बाद उन्होंने फिर म्यूज़िक वीडियो पर फोकस किया. तभी महामारी ने सब रोक दिया—लगभग तीन साल. कोविड के बाद तन्मय ने एक बड़ा फैसला लिया. कोटा में अपना स्टूडियो शुरू करने का मकसद साफ था, अपने शहर के टैलेंट को प्लेटफ़ॉर्म देना. उन्होंने सोशल मैसेज वाली शॉर्ट फ़िल्में, लोकल आर्टिस्ट्स के साथ प्रोजेक्ट्स और म्यूज़िक वीडियोज़ बनाए.
कोटा को नई पहचान दिलाना है मकसद
हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड के प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन के चार गानों और म्यूज़िक डायरेक्टर द्रोण के साथ जावेद अली की आवाज़ वाले गाने को डायरेक्ट किया. सभी की शूटिंग कोटा में हुई और कलाकार भी कोटा के ही चुने गए. आज तन्मय कपूर का विज़न बिल्कुल साफ है “मैं आगे बढ़ूंगा, लेकिन अपने साथ कोटा के टैलेंट को भी आगे ले जाऊंगा.” वह चाहते हैं कि दुनिया को पता चले कि कोटा सिर्फ कोचिंग सिटी नहीं है, बल्कि खूबसूरत लोकेशंस, समृद्ध संस्कृति और अद्भुत कलाकारों की धरती है. आने वाले समय में वे बॉलीवुड के कई प्लेबैक सिंगर्स के नए गानों में भी कोटा के टैलेंट को मौका देने वाले हैं. कोटा को नई पहचान दिलाना, और यहां के युवा कलाकारों को सही मंच देना, यही तन्मय कपूर का सपना है और वह इस सपने को सच करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं.



