मुगल काल में इस कमरे में छिपे थे ठाकुरजी, जानिए दूधाधारी मंदिर का अनसुना इतिहास

मुगल काल में इस कमरे में छिपे थे ठाकुरजी, जानिए दूधाधारी मंदिर का अनसुना….
Dudhadhari Temple Bhilwara History: भीलवाड़ा का 473 साल पुराना दूधाधारी मंदिर अपनी भव्यता और आस्था के कारण अब ‘राजस्थान का प्रेम मंदिर’ के रूप में विख्यात हो रहा है. संवत 1609 में स्थापित यह ऐतिहासिक मंदिर निंबार्क संप्रदाय की मान्यताओं का एक प्रमुख केंद्र है. इस मंदिर की ख्याति तब और बढ़ गई जब ठाकुरजी के साक्षात दूध पीने के चमत्कार ने भक्तों को अभिभूत कर दिया. गुरु महाराज के अटूट संकल्प से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर इसे वृंदावन के सुप्रसिद्ध प्रेम मंदिर जैसी भव्यता प्रदान की गई है. कड़ाके की ठंड के बीच वर्तमान में यहाँ भगवान की विशेष शीतकालीन सेवा की जा रही है. इस सेवा के तहत ठाकुरजी को गर्म ऊनी पोशाकें धारण करवाई जा रही हैं और उन्हें ठंड से बचाने के लिए विशेष रूप से केसरिया भोग लगाया जा रहा है.
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मुगल काल में इस कमरे में छिपे थे ठाकुरजी, जानिए दूधाधारी मंदिर का अनसुना….




