वो मशहूर गायिका, दर्द को सुरों में पिरोया, बन गईं ‘क्वीन ऑफ हिप-हॉप’, ऑस्कर में रचा था इतिहास

Last Updated:January 11, 2026, 05:01 IST
मैरी जे ब्लाइज का जीवन किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. गरीबी और निजी स्ट्रगल की आग में तपकर निकली हीरोइन ने न सिर्फ म्यूजिक जगत को बदला, बल्कि सिनेमा के पर्दे पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी.
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मैरी जे ब्लाइज सिंगर के साथ-साथ एक्ट्रेस भी हैं. (फोटो साभार: Instagram@therealmaryjblige)
नई दिल्ली: आज दुनिया भर में एक से बढ़कर एक सिंगर हैं, लेकिन कुछ कलाकार अपनी कला से काफी ऊंचा उठ जाते हैं. ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्हें दुनिया ‘क्वीन ऑफ हिप-हॉप सोल’ के नाम से पहचाती है. हम मैरी जे ब्लाइज की बात कर रहे हैं. उनकी कहानी सिर्फ शोहरत की चमक-धमक वाली कहानी नहीं है. 11 जनवरी 1971 को जन्मी मैरी का जीवन असल में अमेरिकी पॉप कल्चर, अश्वेत समुदाय के स्ट्रगल और टूटे हुए सपनों को फिर से जोड़ने का एक जीता-जागता दस्तावेज है.
मैरी जे ब्लाइज के संगीत की सबसे बड़ी ताकत उनकी ईमानदारी रही है. उन्होंने कभी अपनी तकलीफों को छिपाया नहीं, बल्कि उन्हें गीतों के जरिए दुनिया के सामने रखा. जेफ चांग की मशहूर किताब ‘कांट स्टॉप वोंट स्टॉप: अ हिस्ट्री ऑफ द हिप-हॉप जेनेरेशन’ में उन्हें हिप-हॉप की सबसे जानदार आवाज बताया गया है.
‘हिप-हॉप’ ने बदल दी परिभाषासाल 1994 में आया मैरी जे ब्लाइज का एल्बम ‘माई लाइफ’ को संगीत जगत में एक मील का पत्थर माना जाता है. उन्होंने इस एल्बम में गरीबी, पारिवारिक बिखराव और इमोशनल तकलीफों को जिस शिद्दत से पिरोया, उसने ‘हिप-हॉप’ की परिभाषा ही बदल दी. मैरी ने संगीत को केवल मनोरंजन से ऊपर उठाकर उसे ‘निजी आवाज’ का जरिया बना दिया.
सिनेमा के पर्दे पर भी रचा इतिहासमैरी ने संगीत की दुनिया में परचम लहराने के बाद जब अभिनय की ओर कदम बढ़ाया, तो वहां भी उनकी संवेदनशीलता ने जादू कर दिया. उनका अभिनय कोई ‘साइड बिजनेस’ नहीं, बल्कि उनकी कला का विस्तार था. 2017 में आई फिल्म ‘मडबाउंड’ उनके अभिनय करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. एक अश्वेत महिला के किरदार के लिए उन्हें न केवल तारीफ मिली, बल्कि उन्होंने इतिहास रच दिया. वे दुनिया की पहली ऐसी कलाकार बनीं, जिन्हें एक ही साल में ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस’ और ‘बेस्ट ऑरिजिनल सॉन्ग’—दोनों कैटेगरी में ऑस्कर नॉमिनेशन मिला. मैरी जे ब्लाइज आज केवल एक गायिका या अभिनेत्री नहीं हैं, वे एक मिसाल हैं उन्होंने साबित किया कि कला की सच्चाई किसी जरिये का मोहताज नहीं है. किताबों और रिकॉर्ड्स में दर्ज उनका जीवन यह बताता है कि कैसे एक कलाकार अपने जख्मों को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना सकता है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
January 11, 2026, 05:01 IST
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वो मशहूर गायिका, दर्द को सुरों में पिरोया, बन गईं ‘क्वीन ऑफ हिप-हॉप’



