गोखरू जड़ी बूटी के फायदे | Gokhru Herb Benefits in Ayurveda

Last Updated:December 08, 2025, 08:08 IST
Gokhru Herb Benefits in Ayurveda: अरावली की पहाड़ियों में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी बूटी ‘गोखरू’ (Tribulus terrestris) को आयुर्वेद में पथरी, गठिया और मूत्र संबंधी रोगों में लाभकारी माना जाता है. सिरोही और माउंट आबू में यह प्राकृतिक रूप से उगती है और पारंपरिक चिकित्सा में इसका बड़ा महत्व है. विशेषज्ञों का कहना है कि इसके उपयोग में सावधानी और विशेषज्ञ सलाह जरूरी है.

गोखरू जड़ी बूटी के आयुर्वेदिक महत्व के बारे में सिरोही के सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. दामोदरप्रसाद चतुर्वेदी ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अरावली क्षेत्र में बारिश में गोखरू नामक पौधा ज़्यादा नज़र आने लगता है. यह जड़ी बूटी ज़मीन पर फैलती है. आयुर्वेद में चरक-संहिता में इस जड़ी बूटी के फ़ायदों का उल्लेख मिलता है. इसका उपयोग मूत्र संबंधी रोग (Urinary disorders) और वात रोगों (Vata disorders) में उपचार के लिए करना बताया गया है.

इस जड़ी बूटी का काढ़ा बनाकर या चूर्ण के रूप में सेवन किया जा सकता है. यह सूजन को कम करने में भी उपयोग होने वाला पौधा है. इसकी जड़, फल, पत्ते सभी फ़ायदेमंद होते हैं. इसके फल छोटे, गोल, चपटे, पाँच कोण वाले, 2-6 कंटक युक्त व कई बीज वाला होता है. इसकी पूरी संरचना औषधीय गुणों से भरी होती है, जिससे यह विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोगी सिद्ध होता है.

गोखरू जड़ी बूटी सूजन और दर्द को कम करने के साथ ही कफ़ दूर करने वाला, मूत्राशय संबंधी रोगों में राहत देने वाली मानी जाती है. गोखरू का रस वात रोग में फ़ायदेमंद होता है. आज के समय में कई लोगों को सिर दर्द की समस्या रहती है. ऐसे में 10-20 मिलीलीटर गोखरू काढ़ा का सुबह शाम सेवन करने से राहत मिलती है. यह जड़ी बूटी अपने गुणों के कारण शरीर के विभिन्न तंत्रों को लाभ पहुँचाती है.
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शहरों में प्रदूषण की वजह से कई लोगों को दमे की तकलीफ़ होने लगती है. ऐसे में गोखरू का सेवन से राहत मिलती है. इसके लिए गोखरू के चूर्ण को अंजीर के साथ कुछ दिन सेवन करने से राहत मिलती है. साँस से जुड़ी तकलीफ़ और कमज़ोरी में भी गोखरू का चूर्ण का शहद और दूध के साथ सेवन करना राहत प्रदान करता है. यह कफ़ को दूर करने वाले गुणों के कारण साँस नली को साफ़ करने में सहायक माना जाता है.

जिन लोगों की पाचन शक्ति कमज़ोर है, उन्हें गोखरू काढ़ा का सेवन करना फ़ायदेमंद होता है. इसके लिए 40 मिलीलीटर गोखरू काढ़ा और 5 ग्राम पीपल चूर्ण मिलाकर पीने से पाचन शक्ति मज़बूत होती है. वहीं दस्त की समस्या में भी मत्थे (छाछ) के साथ गोखरू चूर्ण का सेवन राहत प्रदान करता है. इस तरह, गोखरू का उपयोग पेट संबंधी कई समस्याओं में पारंपरिक रूप से किया जाता है.

जिनको मूत्र के समय दर्द और जलन समेत अन्य तकलीफ़ होती है, तो इसका सेवन फ़ायदेमंद होता है. पथरी की समस्या में भी गोखरू चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से राहत मिलती है.<br />अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि इस जड़ी बूटी का सेवन किसी डॉक्टर या वरिष्ठ आयुर्वेद वैद्य की सलाह के बाद ही करना चाहिए.
First Published :
December 08, 2025, 08:08 IST
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अरावली की पहाड़ियों में मिली एक ऐसी जड़ी बूटी, जिसके फायदे सुनकर यकीन नहीं…



