प्रतापगढ़ का वो पेट्रोल पंप जहां हर गाड़ी में पेट्रोल भरते है कैदी…कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:November 08, 2025, 18:55 IST
प्रतापगढ़ में खुला बंदी गृह के कैदियों द्वारा संचालित पेट्रोल पंप बदलाव और भरोसे की मिसाल बन गया है. इंडियन ऑयल और राजस्थान जेल विभाग की पहल ने कैदियों को रोजगार दिया और समाज में पुनर्स्थापन की राह खोली. शुरू में लोगों को संदेह था, लेकिन कैदियों के ईमानदार और जिम्मेदार व्यवहार ने विश्वास जगा दिया. प्रत्येक कैदी को 300 रुपये प्रतिदिन का मानदेय मिलता है, जिससे वे अपने परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठा रहे हैं.
उदयपुर. कभी अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले अब उम्मीदों की राह पर हैं, प्रतापगढ़ में खुला बंदी गृह के कैदियों द्वारा संचालित पेट्रोल पंप आज बदलाव और भरोसे की मिसाल बन गया है. इंडियन ऑयल और राजस्थान जेल विभाग की साझेदारी से शुरू हुई इस पहल ने न केवल कैदियों को रोजगार दिया है, बल्कि समाज में पुनर्स्थापन की राह भी खोली है. यह पेट्रोल पंप प्रतापगढ़–मंदसौर मार्ग पर स्थित है. यहां सुबह छह बजे से रात दस बजे तक नोज़ल संभालने वाले कोई आम कर्मचारी नहीं,बल्कि वही कैदी है जिन्होंने किसी समय गंभीर धाराओं में सजा पाई थी.
जेल प्रशासन ने उनके अनुशासित और सुधारात्मक व्यवहार के आधार पर उन्हें खुला बंदी गृह में रखा है. यहां वे समाज के बीच काम कर अपनी नई पहचान बना रहे हैं. शुरुआत में जब लोगों को पता चला कि यह पंप कैदियों द्वारा संचालित है,तो हिचकिचाहट स्वाभाविक थी. लेकिन धीरे-धीरे इन कैदियों के विनम्र व्यवहार,ईमानदार काम और जिम्मेदारी ने उस संशय को विश्वास में बदल दिया. आज हालात यह हैं कि कई लोग जानबूझकर इसी पंप पर ईंधन भरवाने आते हैं. एक ग्राहक ने कहा, “यहां सिर्फ टंकी नहीं,दिल भी भर जाता है.”
प्रत्येक कैदी को दिया जाता है 300 रुपये प्रतिदिन मानदेय
जेल अधीक्षक सौरभ स्वामी का कहना है, “सजा का मतलब इंसान को खत्म कर देना नहीं है, अगर कोई बदलना चाहता है, तो उसे मौका देना ही सच्चा न्याय है.” उनके अनुसार यह पंप उन लोगों के लिए एक पुल है जो गलती कर चुके हैं लेकिन अब समाज का हिस्सा बनकर लौटना चाहते हैं. यहां काम करने वाले प्रत्येक कैदी को 300 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाता है, जिससे वे अपने परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठा रहे हैं.
कई कैदी अपने परिवारों के साथ खुला बंदी गृह में रहकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं. राजस्थान में ऐसे मॉडल जयपुर, कोटा, अलवर, भरतपुर, बारां और अब प्रतापगढ़ में सफलतापूर्वक चल रहे हैं, लेकिन प्रतापगढ़ की पहल इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि यहां जनता ने खुद इन कैदियों को प्रोत्साहित किया है. यह कहानी सिर्फ एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि उस भरोसे की है जो सजा और सुधार के बीच पुल बनता है. यह दिखाती है कि अगर समाज एक कदम आगे बढ़े, तो गलती करने वाला इंसान भी अपनी जिंदगी दोबारा सम्मान के साथ जी सकता है.
Monali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW… और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
November 08, 2025, 18:55 IST
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कैदियों द्वारा संचालित प्रतापगढ़ पेट्रोल पंप बना बदलाव की मिसाल



