जिस फिल्म को डायरेक्टर करने से प्रियदर्शन ने किया इनकार, वही निकली सुपरहिट, तरसा गई मन – Akshay kumar Suniel shetty hera pheri fir hera pheri three bollywood movies with same title within 40 year span all became hit two consider cult movie

Last Updated:January 06, 2026, 19:41 IST
Bollywood Movies with Same Title : बॉलीवुड में हर साल अलग-अलग जौनर की फिल्में बनती हैं. वैसे तो हर फिल्म की कहानी-टाइटल अलग होता है लेकिन कई बार फिल्मकार एक जैसे टाइटल की फिल्में भी बनाते हैं. यह चलन पुराना है. 40 साल के अंतराल में बॉलीवुड में सेम टाइटल से तीन ऐसी फिल्में बनाई गईं जिन्हें दर्शकों का खूब प्यार मिला. दो मूवी कॉमेडी ड्रामा फिल्म थीं. दोनों की गिनती बॉलीवुड की बेस्ट कॉमेडी मूवी में होती है. दोनों ही फिल्में हर जनरेशन की पसंद हैं. तीसरी फिल्म ने हर जनरेशन को अपना दीवाना बना लिया था. इस फिल्म के आज सबसे ज्यादा मीम्स सोशल मीडिया पर बनाए जाते हैं. इस फिल्म की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके सीक्वल का इंतजार हर सिनेमाप्रेमी को है. आइये जानते हैं इन तीनों फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…….. 
बॉलीवुड में कई बार देखने को मिला है जब सेम टाइटल की फिल्म अलग-अलग जौनर की होती है. यानी फिल्मों का टाइटल सेम होता है लेकिन शैली अलग होती है. कोई फिल्म कॉमेडी तो कोई एक्शन कॉमेडी होती है. 40 साल के अंतराल में रुपहले पर्दे पर तीन ऐसी फिल्में आईं जिनका टाइटल सेम था. तीनों ही फिल्मों को दर्शकों ने खूब पसंद किया. एक में अमिताभ बच्चन-विनोद खन्ना की जोड़ी थी तो दूसरी और तीसरी फिल्म में अक्षय कुमार-सुनील शेट्टी-परेश रावल की तिकड़ी थी. ये फिल्में थीं : हेराफेरी (1976), हेराफेरी (2000), फिर हेराफेरी (2006). इन तीन फिल्मों से दो फिल्मों को 2000 के दशक की बेस्ड कॉमेडी फिल्म में शुमार किया जाता है. दोनों ही फिल्में आज कल्ट मूवी का स्टेटस ले चुकी हैं.

प्रकाश मेहरा का नाम लेते ही जंजीर फिल्म जेहन में आती है. जंजीर फिल्म 1973 में रिलीज हुई थी. इसी फिल्म ने अमिताभ बच्चन को रातोंरात स्टार बनाया. उन्हें एंग्रीमैन का तमगा दिलाया. प्रकाश मेहरा ने 1976 में ‘हेराफेरी’ नाम से एक फिल्म बनाई थी. यह एक मसाला फिल्म थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, सायरा बानो, सुलक्षणा पंडित, श्रीराम लागू, और असरानी जैसे सितारे नजर आए थे. म्यूजिक कल्याण जी आनंद जी ने दिया था. गीतकार अनजान और इंदीवर थे. फिल्म में 24:01 मिनट की लेंग्थ के कुल 5 गाने थे. प्रकाश मेहरा इस फिल्म में फिरोज खान और अमिताभ बच्चन को साथ में लेना चाहते थे. फिरोज खान ने इस फिल्म में काम करने से इसलिए इनकार कर दिया था क्योंकि वो रविवार को शूटिंग नहीं करते थे. उन्होंने हमेशा इस नियम का पालन किया.

हेराफेरी फिल्म 1973 की अमेरिकन फिल्म द स्टिंग से इंस्पायर्ड थी. फिल्म का एक गाना ‘मुझे प्यार में’ सुलक्षणा पंडित ने रिकॉर्ड किया था लेकिन रिलीज नहीं किया गया. हेराफेरी फिल्म उस साल की बहुत बड़ी हिट फिल्म साबित हुई थी. यह फिल्म एक्शन सीन और अमिताभ बच्चन-विनोद खन्ना के बीच शानदार केमिस्ट्री के लिए जानी जाती है. इसकी गिनती 70 के दशक की क्लासिक क्राइम ड्रामा फिल्म में होती है. हेराफेरी फिल्म की शूटिंग के दौरान ही प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन-विनोद खन्ना को ‘मुकद्दर का सिकंदर’ फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाई थी. प्रकाश मेहरा ने विनोद खन्ना से पहले अजय का रोल करने के लिए कहा था. खन्ना ने कहा कि वो फिल्म में तभी काम करेंगे जब उन्हें अमिताभ से 1 लाख रुपये ज्यादा फीस मिलेगी. मेहरा ने उनकी शर्त मान ली. इस तरह से अमिताभ को डेढ़ लाख रुपये जबकि विनोद खन्ना को मुकद्दर का सिकंदर के लिए ढाई लाख रुपये दिए गए. प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी यह अमिताभ बच्चन की लास्ट मूवी है जिसमें एक्टर्स को क्रेडिट दिया गया था.
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2000 में प्रियदर्शन ने कॉमेडी फिल्मों का दौर शुरू किया. उन्हीं के निर्देशन में ‘हेराफेरी’ नाम से एक फिल्म बनाई गई जो कि 31 मार्च 2000 को रिलीज हुई थी. फिल्म की कहानी नीरज वोरा ने लिखी थी. फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, तब्बू, ओम पुरी, गुलशन ग्रोवर जैसे सितारों ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. यह फिल्म 1989 की एक मलयालम फिल्म ‘रामजी राव स्पीकिंग’ का रीमेक थी जो कि 1971 की एक अमेरिकन टीवी फिल्म ‘द मैन रन’ से इंस्पायर्ड थी. फिल्म की कहानी दो किराएदार राजू और श्याम, उनके मकान मालिक बाबूराव गणपतराव पर बेस्ड थी. इस कल्ट मूवी को एजी नाडियाडवाला ने प्रोड्यूस किया था. म्यूजिक अनु मलिक का था.

सुनील शेट्टी की जगह संजय दत्त इस फिल्म के लिए पहली च्वाइस थे. संजय दत्त को रोजाना कोर्ट जाना पड़ता था, वो सिर्फ रात में शूटिंग कर सकते थे. उन्होंने सुनील शेट्टी को फिल्म में लेने का सुझाव फिरोज नाडियाडवाला को दिया था. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म का पहले टाइटल ‘रफ्तार’ था, जिसे बदलकर ‘हेराफेरी’ किया गया. फिल्म की स्क्रिप्ट भी बदली गई. परेश रावल की काम की बहुत तारीफ हुई थी. यह अक्षय कुमार-सुनील शेट्टी और परेश रावल की पहली फिल्म थी. अक्षय कुमार ने भी पहली बार किसी कॉमेडी फिल्म में काम किया था. नए साल की शुरुआत इतनी अच्छी हुई कि अक्षय कुमार और परेश रावल ने आगे चलकर एक से बढ़कर एक कॉमेडी फिल्मों में काम किया. 80-90 के दशक में निगेटिव रोल करने वाले परेश रावल ने कॉमेडी फिल्मों में खूब नाम कमाया.

‘हेराफेरी’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सरप्राइज हिट साबित हुई. तीनों एक्टर की कॉमिक टाइमिंग की खूब सराहना हुई. अक्षय कुमार का करियर एक्शन फिल्मों में ढलान पर था, ऐसे में उन्होंने कॉमेडी फिल्मों में हाथ आजमाए. यह दांव पूरी तरह से सफल रहा. इस फिल्म से रातोंरात उनकी किस्मत फिर से चमक उठी. उनकी करियर की गाड़ी पटरी पर आ गई. अक्षय कुमार ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने प्रियदर्शन और हेराफेरी से बहुत कुछ सीखा. 7.5 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 21.41 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करके सबको चौंका दिया था. यह एक सरप्राइज हिट साबित हुई थी.

हेराफेरी की कामयाबी के बाद 2006 में प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला ‘फिर हेराफेरी’ लेकर आए. इस फिल्म की कहानी नीरज वोरा ने लिखी थी. उन्होंने फिल्म का डायरेक्शन भी किया था. यह ‘हेराफेरी’ का सीक्वल थी. फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल की तिकड़ी के अलावा बिपाशा बासु, रिमी सेन, शरत सक्सेना, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, मिलिंद गुनाजी, मनोज जोशी और रज्जाक खान जैसे सितारे नजर आए थे. इस फिल्म में राजू, श्याम और बाबूराव की जिंदगी में आए उतार-चढ़ाव को नाटकीय अंदाज में दिखाया गया. फिल्म 9 जून 2006 को रिलीज हुई थी. इस मूवी ने रिलीज होते ही दर्शकों पर अपना जादू दिखाया. यह उस साल की 8वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. आज इस मूवी को कल्ट स्टेट्स हासिल है. यह फिल्म ब्रिटिश मूवी लॉक, स्टॉक और टू स्मोकिंग बैरल्स से बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड थी.

फिर हेराफेरी फिल्म में म्यूजिक हिमेश रेशमिया का था. ओरिजनल फिल्म हेराफेरी (2000) के डायरेक्टर प्रियदर्शन ने इस फिल्म को डायरेक्टर करने से इनकार कर दिया था. उनको लगता था कि यह फिल्म ‘हेराफेरी’ जैसा मैजिक क्रिएट नहीं कर पाएगी. ऐसे में प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला ने राइटर नीरज वोरा को फिल्म को डायरेक्टर करने का मौका दिया. दिलचस्प संयोग यह है कि यह फिल्म प्रियदर्शन की 2006 की फिल्म ‘चुपके-चुपके’ के साथ ही उसी दिन रिलीज हुई थी. फिर हेराफेरी सुपरहिट साबित हुई जबकि चुपके-चुपके महज एक औसत फिल्म साबित हुई थी. फिर हेराफेरी फिल्म के हर सीन पर सोशल मीडिया पर मीम्स बनते हैं. 18 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 69 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.
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January 06, 2026, 18:23 IST
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एक ही नाम से बनीं 3 फिल्में, तीसरी वाली है हर जनरेशन की पसंद



