बॉलीवुड का वो एक्टर, जिसने सात समंदर पार मनवाया अपनी एक्टिंग का लोहा, लेकिन निजी जिंदगी में मिला सिर्फ पछतावा

Last Updated:January 08, 2026, 06:40 IST
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए जिन्होंने अपनी एक्टिंग से करोड़ों दिल जीते, लेकिन सईद जाफरी उन चुनिंदा सितारों में से थे, जिन्होंने हॉलीवुड तक अपनी प्रतिभा का परचम लहराया. प्रोफेशनल लाइफ में उन्होंने जितनी ऊंचाइयां छुईं और शोहरत बटोरी, उनकी पर्सनल लाइफ उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही. पर्दे पर सबको प्रभावित करने वाले इस महान एक्टर की निजी जिंदगी का सफर अकेलेपन और गहरे पछतावे की परछाइयों से घिरा रहा.
नई दिल्ली. आज के दौर में किसी बॉलीवुड एक्टर का हॉलीवुड फिल्म में काम करना बहुत बड़ी बात मानी जाती है, लेकिन सईद जाफरी ने यह उपलब्धि 60 के दशक में ही हासिल कर ली थी. उस जमाने में, जब भारतीय कलाकारों के लिए विदेशी सिनेमा के दरवाजे लगभग बंद थे, उन्होंने ब्रिटिश और अमेरिकी फिल्मों में अपनी एक खास पहचान बनाई. उनके अभिनय का लोहा न केवल भारत में माना गया, बल्कि सात समंदर पार भी उनकी कलाकारी की जमकर तारीफ हुई.

8 जनवरी 1929 को जन्मे सईद जाफरी को बचपन से ही अभिनय का शौक था. बड़े होने पर उन्होंने इसी शौक को अपना पेशा बना लिया. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो से इंग्लिश अनाउंसर के तौर पर की थी. उनकी आवाज में एक अलग ही ठहराव और असर था, जो लोगों को तुरंत अपनी ओर खींच लेता था. इसके बाद उन्होंने थिएटर की दुनिया में कदम रखा और साल 1951 में फ्रैंक ठाकुरदास और बैंजी बेनेगल के साथ मिलकर अंग्रेजी थिएटर कंपनी ‘यूनिटी थिएटर’ की शुरुआत की.

थिएटर से फिल्मों तक का सफर सईद जाफरी के लिए आसान नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई. उन्होंने फिल्म ‘गुरु’ से सिनेमा की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना ली. उनका फिल्मी करियर लगभग छह दशक लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 150 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. खास बात ये रही कि इनमें सिर्फ हिंदी फिल्में ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश और अमेरिकन फिल्में भी शामिल थीं.
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हॉलीवुड में सईद जाफरी ने द विल्बी कांस्पीरेसी, द मैन हू वुड बी किंग, स्फिंक्स और अ पैसेज टू इंडिया जैसी फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं. रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी में भी उनका काम खूब सराहा गया. वे ब्रिटिश और कनाडाई फिल्म अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाले पहले एशियाई कलाकार भी बने. ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी.

लेकिन पर्दे पर इतनी कामयाबी के बावजूद सईद जाफरी का निजी जीवन काफी उलझनों भरा रहा. वह एक सफल अभिनेता जरूर थे, लेकिन एक पति और पिता के तौर पर खुद को असफल मानते रहे. उनकी पहली शादी मधुर से हुई थी, जो एक एक्ट्रेस और बाद में मशहूर लेखिका बनीं. दोनों की मुलाकात थिएटर के दौरान हुई और साल 1958 में उन्होंने शादी कर ली.

शादी के बाद दोनों के बीच मतभेद बढ़ने लगे. कहा जाता है कि सईद जाफरी पर ब्रिटिश जीवनशैली का असर ज्यादा था और वे अपनी पत्नी को भी उसी अंदाज में देखना चाहते थे. इस वजह से रिश्ते में दूरियां आ गईं. इस शादी से उनकी तीन बेटियां हुईं, लेकिन इसके बावजूद दोनों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 1966 में तलाक हो गया.

तलाक के बाद सईद जाफरी एक विदेशी महिला के साथ रहने लगे, लेकिन बाद में उन्हें अपने इस फैसले पर गहरा पछतावा हुआ. वह खुद को पहली पत्नी और अपनी बेटियों का दोषी मानते रहे. कई इंटरव्यू में उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि करियर की दौड़ में उन्होंने अपने निजी रिश्तों को नजरअंदाज कर दिया.
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January 08, 2026, 06:40 IST
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सात समंदर पार मनवाया एक्टिंग का लोहा, निजी जिंदगी में मिला सिर्फ पछतावा



