Makar Sankranti 2023: गरीबों को भोजन और कपड़े दान कर मकर संक्रांति मना रहे हैं करौलीवासी, यह है खास
रिपोर्ट – मोहित शर्मा
करौली. शुरुआती साल का सबसे खास त्यौहार मकर संक्रांति का त्यौहार होता है. जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व होता है. हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ देश के सभी क्षेत्रों में अलग-अलग रीति रिवाज के साथ मनाया जाता है. कहीं पर पतंगबाजी के साथ तो कहीं पर दान पुण्य के साथ. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं. दान पुण्य का इस दिन विशेष महत्व होता है. जिसमें यदि राजस्थान के करौली की बात की जाए, तो यहां के लोग संक्रांति के त्यौहार को निस्वार्थ भाव से दान पुण्य कर मनाते हैं. दान पुण्य की परंपरा यहां पर रियासत काल से चली आ रही है. जो आज भी कायम है. जिसके चलते आज करौली के सभी चौराहों पर दान पुण्य किया गया. सबसे खास बात यह है कि इस बार सदर बाजार में गरीबों के लिए 17 तरीके के खास पकवान व्यापारियों द्वारा बनवाए गए थे.
अन्न दान का होता है विशेष महत्त्व
राज्याचार्य पंडित प्रकाश चंद जती ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दान पुण्य का सबसे ज्यादा महत्व होता है. अन्न दान और विद्या दान की आज के दिन बहुत महत्वता होती है. सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए आज तीन अर्घ देने चाहिए. करौली में दान पुण्य की परंपरा रियासत काल से चली आ रही है. जो आज भी अनावृत चालू है. अन्न दान का विशेष महत्व होने के कारण करौली के लोग इस दिन मदन मोहन जी मंदिर के बाहर बैठे गरीब असहाय लोगों के लिए अन्न दान करते हैं.
सदर बाजार में 15 साल से लगता आ रहा है विशाल भंडारा
आपके शहर से (करौली)
वैसे तो मकर संक्रांति के अवसर पर करौली के हर चौराहे पर गरीब लोगों के लिए भंडारे लगते हैं. लेकिन सदर बाजार की बात की जाए तो यहां पर गरीब लोगों के लिए विशाल भंडारा 15 सालों से लगता आ रहा है.
गरीबों के लिए बने थे 17 खास व्यंजन
सेवानिवृत्त शिक्षक ब्रजभूषण शर्मा ने बताया कि करौली के सदर बाजार में यह भंडारा 15 साल से अनवरत जारी है. जिसमें दिन-प्रतिदिन हर साल मकर संक्रांति के दिन नए-नए आयोजन होते हैं. और इस बार गरीबों के लिए सुबह के नाश्ते में बेड़ई, कचौड़ी, चाय, कॉफी, पकौड़ी, चाउमीन सहित कई अन्य आइटम बनवाए गए हैं. यह नाश्ता सुबह से लेकर 11 बजे तक चला था. और भोजन 12 बजे से आरंभ हुआ. जिसमें गरीब लोगों के लिए बर्फी, रसगुल्ला, खीर, मंगोड़ा, पूड़ी सब्जी व्यापारी वर्ग द्वारा बनवाए गए थे. बाजार के सभी लोगों ने मिलकर गरीब लोगों को बैठाकर भंडारे में भोजन करवाया. मकर संक्रांति के दिन गरीब लोगों को खाना खिलाने की इस बाजार की परंपरा रही है. जिसमें इस बार हजारों की संख्या में गरीब लोगों के लिए व्यापारी वर्ग द्वारा भोजन और नाश्ता करवाया जा रहा है.
फिजूलखर्ची के बजाय गरीब लोगों को खिलाते हैं खाना
व्यापारी सुमेर गुप्ता का कहना है कि इस दिन हमारे सभी व्यापारियों के सहयोग से गरीब लोगों के लिए दान पुण्य होता है. जिसमें भंडारा में गरीबों के लिए खाना होता है. और यह परंपरा हमारे यहां कई दिनों से चली आ रही है. उनका ऐसा मानना है कि पतंगबाजी में फिजूलखर्ची करने के बजाए बेहतर यह है कि गरीब और असहाय लोगों के लिए भरपेट भोजन मिले. हमने यह व्यवस्था बड़े ही सुचारु रुप से की है. और हर साल व्यापारियों के सहयोग होने के कारण हम इस व्यवस्था में सुधार भी करते हैं.
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Tags: Karauli news, Makar Sankranti, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : January 15, 2023, 11:18 IST