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असम में 6 समुदायों के ST दर्जे की लड़ाई फिर गरमाई, अखिल गोगोई बोले-10 साल पहले किया गया था वादा

Last Updated:November 30, 2025, 02:54 IST

Assam News: अखिल गोगोई ने असम विधानसभा में छह समुदायों को एसटी दर्जा न मिलने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और रिपोर्ट में देरी व नई एसटी वैली कैटेगरी पर सवाल उठाए. अखिल गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि जनजाति से जुड़ी रिपोर्ट विधानसभा में समय पर पेश नहीं की गई. 25 तारीख को रिपोर्ट आनी थी, लेकिन अभी तक नहीं आई.

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असम में 6 समुदायों के ST दर्जे की लड़ाई फिर गरमाई, अखिल गोगोई ने सरकार को घेराअसम के शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई.

गुवाहाटी. असम विधानसभा में सत्र के पांचवें दिन माहौल काफी गरम रहा. शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने असम के छह समुदायों को अब तक एसटी दर्जा न देने की बात पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में वादा किया था कि असम के छह समुदाय (चुटिया, कोच-राजबोंगशी, मोरन, मटक, ताई-अहोम और चाय-जनगोष्ठी) को छह महीनों के भीतर अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन 10 साल बीत चुके हैं और अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

उन्होंने बताया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के खिलाफ जब असम में बड़ा आंदोलन हुआ था, तब राज्यसभा में इन छह समुदायों को एसटी का दर्जा देने का बिल भी पेश किया गया था. अखिल गोगोई का कहना है कि वे उस दिन खुद राज्यसभा की गैलरी में मौजूद थे, लेकिन आज तक उस बिल को पास नहीं किया गया है. इसी बात को लेकर उन्होंने शनिवार को फिर विधानसभा में जोरदार विरोध किया और कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द इन समुदायों को जनजाति का दर्जा देना चाहिए.

अखिल गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि जनजाति से जुड़ी रिपोर्ट विधानसभा में समय पर पेश नहीं की गई. 25 तारीख को रिपोर्ट आनी थी, लेकिन अभी तक नहीं आई. फिर कहा गया कि 27 तारीख को आएगी, लेकिन उस दिन भी रिपोर्ट पेश नहीं हुई. उनका कहना है कि सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को टालती आ रही है. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में एसटी प्लेन्स और एसटी हिल्स के अलावा एक नई कैटेगरी एसटी वैली बनाई गई है, जो भारतीय संविधान में मौजूद ही नहीं है. ऐसे में उस रिपोर्ट का कोई मतलब ही नहीं बनता. शायद यही वजह है कि सरकार इस रिपोर्ट को खुलकर चर्चा में लाना नहीं चाहती.

उन्होंने बताया कि एक प्रस्ताव शुक्रवार को सदन में रखा गया था, लेकिन उसे चर्चा के लिए लिस्ट में ही नहीं डाला गया. अंत में दिन के आखिरी कामकाज में उसे शामिल किया गया, ताकि इस पर कोई बहस न हो सके. अखिल गोगोई ने साफ कहा कि सिर्फ छह समुदाय ही नहीं, बल्कि कॉलिता, नाग जोगी, बदाखिल, चाडांग समेत कई अन्य समूहों को भी एसटी का दर्जा मिलना चाहिए. उनका कहना है कि अगर असम के इन समुदायों को जनजाति की मान्यता मिल जाए तो राज्य को जनजाति राज्य घोषित किया जा सकता है. इसके बाद असम को संविधान के आर्टिकल 371(ए) या उससे मिलते-जुलते किसी प्रावधान के तहत स्पेशल कैटेगरी स्टेट का दर्जा भी मिल सकता है.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

Location :

Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam

First Published :

November 30, 2025, 02:49 IST

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असम में 6 समुदायों के ST दर्जे की लड़ाई फिर गरमाई, अखिल गोगोई ने सरकार को घेरा

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