मेवाड़ का परचम लहराया! लक्ष्यराज सिंह के स्वागत से गूंजी पदयात्रा, सनातन संस्कृति और एकता का संदेश हुआ और भी बुलंद

Last Updated:December 04, 2025, 13:43 IST
Bageshwar Dham Padayatra : बागेश्वर धाम की अगुआई में चल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में मेवाड़ राजपरिवार के डॉ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ शामिल हुए. हरियाणा के पृथला से शुरू हुई यह यात्रा पलवल में पहुंची, जहां उनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं में जोश भर दिया. धर्म, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता पर दोनों नेताओं ने गहरी चर्चा की. श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया.
बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री की अगुवाई में निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य श्रीजी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ शामिल हुए. यह यात्रा हरियाणा के पृथला से रवाना होकर पलवल के लिए आगे बढ़ी, जहां डॉ. लक्ष्यराज विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे. उनकी उपस्थिति से यात्रा में श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला.

यात्रा स्थल पर पहुंचने पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने महंत धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार स्वागत किया. इस दौरान दोनों ने सनातन संस्कृति, एकता और सामाजिक सद्भाव पर चर्चा की. महंत शास्त्री ने कहा कि डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के वंशज हैं, और उनमें महाराणा प्रताप की छवि झलकती है. उन्होंने कहा कि मेवाड़ राजपरिवार सदियों से धर्म और संस्कृति की रक्षा करता आया है और आज डॉ. लक्ष्यराज उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.

महंत धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि मेवाड़ राजपरिवार सदैव सनातन संस्कृति का संरक्षक और संवर्धक रहा है, जिसका अनुसरण आज डॉ. लक्ष्यराज सिंह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह हर सनातनी के लिए गर्व की बात है कि आज भी भारत में ऐसे घराने हैं जो धर्म और परंपरा की जड़ों से जुड़े हुए हैं.
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डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि मेवाड़ का इतिहास धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है. हमारे पूर्वजों ने सदैव धर्म की रक्षा की और समाज को एकता का संदेश दिया. आज हम उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा समाज में धार्मिक जागरूकता और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा बढ़ाने का माध्यम बनेगी.

डॉ. लक्ष्यराज ने महंत धीरेंद्र शास्त्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें मेवाड़ आने का निमंत्रण भी दिया. उन्होंने कहा कि मेवाड़ की धरती पर धर्म और संस्कृति का संगम सदियों से होता आया है और यह यात्रा उस परंपरा को और मजबूत करेगी.

सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का शुभारंभ 7 नवंबर को दिल्ली से हुआ था और इसका समापन 16 नवंबर को श्रीबांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में होगा. इस दौरान यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया जा रहा है. श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा और भक्ति के वातावरण ने इसे एक धार्मिक उत्सव का रूप दे दिया है.
First Published :
December 04, 2025, 13:14 IST
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