भोपाल में गूंजा राजस्थान का परचम, 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट में स्वर्ण-रजत पदकों से मचाया दमदार तहलका

Last Updated:January 09, 2026, 13:40 IST
National Dragon Boat Competition : भोपाल में आयोजित 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में राजस्थान के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा. जूनियर मिक्स्ड इवेंट में रजत और इससे पहले स्वर्ण पदक जीतकर टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की ताकत साबित की. कड़े मुकाबले में मिली यह सफलता खिलाड़ियों के जज्बे और कड़ी मेहनत का नतीजा है.
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उदयपुर : मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजित 14वीं राष्ट्रीय ड्रैगन बोट प्रतियोगिता में राजस्थान के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. प्रतियोगिता के तीसरे दिन राजस्थान ड्रैगन बोट मिश्रित टीम ने जूनियर वर्ग के डी-10, 500 मीटर मिक्स इवेंट में कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक अपने नाम किया. इससे पहले इसी प्रतियोगिता में टीम स्वर्ण पदक भी जीत चुकी है, जिससे राजस्थान का दबदबा पूरे टूर्नामेंट में साफ तौर पर देखने को मिला.
राजस्थान कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के अध्यक्ष भगवान स्वरूप वैष्णव और सचिव दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि इस रोमांचक मुकाबले में राजस्थान टीम ने केरल, हरियाणा, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर सहित कई नामी राज्यों और प्रतिष्ठित खेल अकादमियों की टीमों को पीछे छोड़ दिया. फाइनल रेस में राजस्थान की टीम महज कुछ मिलीसेकेंड के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गई, लेकिन खिलाड़ियों का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि रजत पदक भी किसी उपलब्धि से कम नहीं है. यह पदक खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम वर्क का प्रमाण है.
स्वर्ण-रजत जीत पर राजस्थान टीम सम्मानितसंघ के चेयरमैन चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान टीम के स्वर्ण और रजत पदक जीतने पर एशियन कैनो फेडरेशन एवं भारतीय कायाकिंग एवं कैनोईंग संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुस्वाहा और बलबीर कुस्वाहा ने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी. प्रशांत कुस्वाहा ने कहा कि राजस्थान के खिलाड़ियों ने जिस जज्बे और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में प्रदर्शन किया है, उसी का परिणाम है कि सीनियर और जूनियर मिश्रित इवेंट्स में राजस्थान लगातार अग्रणी राज्य बना हुआ है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राजस्थान के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे देश का प्रतिनिधित्व कर सकें.
ड्रैगन बोट में राजस्थान नई ऊंचाई परआप को बता दे कि उदयपुर शहर की फतेहसागर झील में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कायाकिंग एवं कैनोईंग खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है. इसी क्रम में जयपुर में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के खिलाड़ियों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर प्रशिक्षण मिल सके. राजस्थान संघ के पियूष कच्छवाहा ने बताया कि पिछले करीब तीन महीनों से खिलाड़ियों ने जिस लगन और समर्पण के साथ अभ्यास किया था, उससे यह पहले ही स्पष्ट हो गया था कि इस बार राजस्थान की टीम पदकों की झड़ी लगाएगी. राष्ट्रीय प्रतियोगिता में इस सफलता के साथ राजस्थान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रैगन बोट खेल में प्रदेश तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें
Location :
Udaipur,Rajasthan
First Published :
January 09, 2026, 13:40 IST
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भोपाल में गूंजा राजस्थान का परचम, ड्रैगन बोट में स्वर्ण और रजत पदक जीते



