National

S Jaishankar Bangladesh Visit : Khaleda Zia Funeral India Representative | जयशंकर को बांग्‍लादेश भेजना कूटनीत‍ि के ल‍िहाज से अहम क्‍यों?

Last Updated:December 30, 2025, 20:12 IST

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बांग्लादेश दौरा सिर्फ अंत‍िम संस्‍कार तक सीमित नहीं है. पूर्व पीएम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे जयशंकर, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहली बार ढाका की जमीन पर कदम रखेंगे. 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव और BNP की मजबूत स्थिति को देखते हुए, भारत का यह कदम कूटनीतिक ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है. पाकिस्तान की मौजूदगी और यूनुस सरकार से तनाव के बीच, यह यात्रा भविष्य के रिश्तों को साधने की एक अहम कोशिश है.जयशंकर को बांग्‍लादेश भेजना कूटनीत‍ि के ल‍िहाज से अहम क्‍यों?विदेश मंत्री एस जयशंकर.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर बुधवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह एक संवेदना जताने का मौका है, लेकिन कूटनीतिक नजरिए से इसके मायने काफी गहरे हैं. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत की तरफ से यह पहला मंत्री स्तरीय दौरा है. ऐसे समय में जब पड़ोसी देश में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, जयशंकर की ढाका में मौजूदगी भविष्य के रिश्तों की दिशा तय करने का एक बड़ा संकेत है.

वो प्‍वाइंट जो तय करेंगे भारत-बांग्‍लादेश का फ्यूचर

शेख हसीना के बाद ‘बर्फ पिघलने’ की शुरुआतशेख हसीना के बांग्लादेश की सत्ता से हटने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर का यह पहला बांग्लादेश दौरा है. पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच संवाद में जो कमी आई थी, यह यात्रा उसे पाटने का काम करेगी. भले ही यह दौरा सिर्फ अंतिम संस्कार के लिए है, लेकिन यह प्रतीकात्मक रूप से दर्शाता है कि भारत बांग्लादेश के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में भी अपनी सक्रिय भागीदारी बनाए रखना चाहता है.
BNP के साथ पुराने रिश्तों का नवीनीकरणभारत के खालिदा जिया की पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के साथ पुराने संबंध रहे हैं. खालिदा जिया के निधन पर खुद विदेश मंत्री का जाना इन संबंधों को सम्मान देने जैसा है. यह कदम BNP के शीर्ष नेतृत्व को संदेश देगा कि भारत केवल एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बांग्लादेश के सभी प्रमुख राजनीतिक हितधारकों के साथ रचनात्मक रिश्ता रखने का पक्षधर है.
12 फरवरी के चुनाव और ‘फ्यूचर प्रूफिंग’बांग्लादेश में 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव प्रस्तावित हैं और मौजूदा माहौल में BNP सबसे बड़ी दावेदार (फ्रंट्रनर) मानी जा रही है. ऐसे में, संभावित भविष्य की सत्ताधारी पार्टी के सर्वोच्च नेता के निधन पर भारत का उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व भविष्य को दृष्टि में रखते हुए बेहद अहम है. यह कूटनीतिक ‘फ्यूचर प्रूफिंग’ है ताकि चुनाव बाद बनने वाली सरकार के साथ तालमेल सहज रहे.
क्षेत्रीय संतुलन और पाकिस्तान फैक्टरखालिदा जिया के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान समेत कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं. ऐसे में पड़ोसी और एक जिम्मेदार शक्ति होने के नाते भारत की तरफ से उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व स्वाभाविक और अनिवार्य था. जयशंकर की मौजूदगी यह सुनिश्चित करेगी कि क्षेत्र में भारत की उपस्थिति दर्ज रहे और किसी अन्य देश (विशेषकर पाकिस्तान) को भारत-विरोधी नैरेटिव बनाने का खुला मौका न मिले.
यूनुस सरकार और जनता को सीधा संदेशमौजूदा मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के साथ भारत के कूटनीतिक रिश्तों में कुछ तनाव रहा है. इसके बीच जयशंकर की मौजूदगी यह बताएगी कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भारत के लिए बांग्लादेश और वहां के लोग अहम हैं. यह यात्रा ‘सरकार से सरकार’ के तनाव के बीच ‘देश से देश’ के रिश्तों की मजबूती और संवेदनशीलता को प्रदर्शित करेगी.
About the AuthorGyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi..com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

Location :

Delhi,Delhi,Delhi

First Published :

December 30, 2025, 20:12 IST

homenation

जयशंकर को बांग्‍लादेश भेजना कूटनीत‍ि के ल‍िहाज से अहम क्‍यों?

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj