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करौली में कड़कड़ाती सर्दी, बच्चों पर बढ़ा खतरा! डॉक्टर बोले- एक गलती और बिगड़ सकती है हालत

Last Updated:November 20, 2025, 23:33 IST

Winter Care Tips : करौली में ठंड बढ़ते ही बच्चों में सर्दी, खांसी और त्वचा संबंधी परेशानियों का खतरा तेज़ी से बढ़ गया है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कम इम्युनिटी के कारण छोटे बच्चे ठंड का संक्रमण जल्दी पकड़ लेते हैं. डॉक्टर बच्चों को ठंडी हवा से बचाने, सीधा ऊनी कपड़ा न पहनाने और नहलाने के बाद तेल मालिश की सलाह दे रहे हैं. नवजातों पर सर्दी का असर सबसे ज्यादा होता है, इसलिए कॉटन की लेयरिंग और गुड़-घी जैसी गर्माहट देने वाली चीजें महत्वपूर्ण मानी गई हैं.कड़कड़ाती सर्दी, बच्चों पर बढ़ा खतरा! डॉक्टर बोले- एक गलती, बिगड़ सकती है हालतसर्दी के मौसम में छोटे बच्चों का रखें ऐसे ख्याल..

करौली. सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ ही ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपा कर रख दिया है. तापमान में गिरावट के साथ ही मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. खासकर बच्चे इस मौसम की मार सबसे पहले और सबसे ज्यादा झेलते हैं, क्योंकि बड़ी उम्र के लोगों की तुलना में उनकी इम्युनिटी काफी कमजोर होती है. यही वजह है कि जरा-सी लापरवाही भी बच्चों को सर्दी, खांसी और त्वचा संबंधी समस्याओं की चपेट में ले आती है.

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस मौसम में बच्चों की डाइट से लेकर उनके पहनावे तक हर चीज पर बेहद सावधानी जरूरी है. जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है बच्चों में संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में डॉक्टर लगातार सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

सर्दी चरम पर, बच्चों की इम्युनिटी पर सीधा असरशिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जेपी गुप्ता के अनुसार फिलहाल सर्दी का मौसम अपने चरम पर है. ठंडी हवा और गिरते तापमान का असर हर उम्र के लोगों पर दिख रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है. उनका कहना है कि बच्चों की इम्युनिटी कम होने के कारण वे ठंड के संक्रमण को जल्दी पकड़ लेते हैं, इसलिए इन दिनों बच्चों की देखभाल में विशेष सतर्कता बेहद जरूरी है.

ठंडी हवा और ऊनी कपड़ों को लेकर सावधानियां जरूरीडॉ. गुप्ता बताते हैं कि सबसे पहले ठंडी हवा से बच्चों को पूरी तरह बचाना जरूरी है. हवा की दिशा में बच्चों को बिठाना या बाहर ले जाना बिल्कुल नहीं चाहिए. दूसरी बड़ी गलती जो अक्सर लोग करते हैं वह है बच्चों को सीधे ऊनी कपड़े पहना देना. इससे बच्चों की स्किन में खुजली, सूखापन और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. उनकी सलाह है कि बच्चे को नहलाने के बाद नारियल या तिल के तेल से हल्की मालिश अवश्य करें. वहीं सरसों के तेल का उपयोग ठंड में टालने की सलाह दी जाती है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी और हल्की एलर्जिक होती है.

नवजातों पर ठंड का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई देता हैडॉ. गुप्ता कहते हैं कि जितना छोटा बच्चा होगा ठंड का असर उस पर उतना ही ज्यादा पड़ेगा. नवजात इस मौसम में सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते हैं इसलिए उन्हें ऊनी कपड़ों की बजाय कॉटन के कई लेयर वाले कपड़े पहनाना ज्यादा सुरक्षित रहता है. इसके अलावा नवजात की डाइट में हल्का-सा बदलाव भी फायदेमंद हो सकता है जैसे दूध में थोड़ा सा गुड़ या घी मिलाना. सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म और ऊर्जावान रखने के लिए गुड़ और घी दोनों बेहद उपयोगी माने जाते हैं.

Anand Pandey

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें

नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें

Location :

Karauli,Rajasthan

First Published :

November 20, 2025, 23:33 IST

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कड़कड़ाती सर्दी, बच्चों पर बढ़ा खतरा! डॉक्टर बोले- एक गलती, बिगड़ सकती है हालत

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