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10 लाख लगाने वाला हो गया करोड़पति, इस म्‍यूचुअल फंड ने दिया 15 फीसदी से ज्‍यादा रिटर्न, एसआईपी ने भी किया कमाल

नई दिल्‍ली. बात चाहे म्‍यूचुअल फंड की हो या फिर शेयर बाजार की. हर निवेशक की यही ख्‍वाहिश होती है कि उसका पैसा दिन दूना और रात चौगुना स्‍पीड से बढ़े. लेकिन, ऐसे कमाल के रिटर्न पाने के लिए दांव बहुत सोच-समझकर लगाना पड़ता है. अगर आप भी ऐसे ही किसी फंड की तलाश में हैं तो ICICI प्रूडेंशियल लार्ज कैप फंड अच्‍छा विकल्‍प बन सकता है. इस फंड ने बड़ी कंपनियों में निवेश करके अपने निवेशकों को सालाना 15 फीसदी से भी ज्‍यादा का रिटर्न दिलाया है. आप चाहे एकमुश्‍त निवेश करें या फिर एसआईपी के जरिये, दोनों ही तरीकों से जमकर फायदा हुआ है.

वैसे तो तमाम कंपनियां लार्ज कैप म्यूचुअल फंड्स में पैसे लगाती हैं और बाजार की बड़ी कंपनियों से अपने निवेशकों को रिटर्न दिलाती हैं. लेकिन, ICICI प्रूडेंशियल लार्ज कैप फंड अपने लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण सबसे अलग नजर आता है. इसे मई 2008 में लॉन्च किया गया था और तब से अब तक यह फंड 17 साल से लगातार अच्‍छा रिटर्न दे रहा है. एक लार्ज कैप फंड होने के नाते इस स्कीम का निवेश टॉप-100 कंपनियों में होता है, जो मार्केट कैप के हिसाब से सबसे बड़ी है. फंड में बॉटम-अप स्टॉक पिकिंग अप्रोच अपनाई जाती है, जो बेहतर रिटर्न दिलाने में मददगार होता है.

कैसे करती है कंपनी का चुनावयह म्‍यूचुअल फंड किसी भी सेक्टर में बहुत ज्यादा झुकाव नहीं रखता, लेकिन सेक्टर के भीतर सबसे उम्मीदवाली कंपनियों का चयन करता है. फंड के को-सीआईओ (इक्विटी और स्कीम के फंड मैनेजर) अनिश तवाकले के अनुसार, किसी भी कंपनी को इस पोर्टफोलियो में शामिल होने के लिए मुनाफे का सच्चा ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए, वह मार्केट लीडर हो और उसमें उचित कम्पाउंडिंग क्षमता हो. उनका यह भी मानना है कि निवेशकों को मिड और स्मॉल कैप्स में हाल के समय में बढ़े हुए वैल्यूएशन के चलते सतर्क रहना चाहिए और लार्ज कैप्स की ओर रीबैलेंसिंग पर विचार करना चाहिए. इसकी वजह यह है कि वर्तमान मार्केट सेटअप में लार्ज कैप्स बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न दे सकते हैं.

कई संकट झेलकर भी डटा रहा फंडअब तक के अपने सफर में इस फंड ने कई मार्केट इवेंट्स का सामना किया है. जैसे साल 2008 का वित्तीय संकट, साल 2013 में ब्याज दर बढ़ोतरी और साल 2020 में कोविड-19 महामारी. इन सभी दौरों में फंड ने कम उतार-चढ़ाव दिखाया और उन निवेशकों को अच्छा अनुभव दिया जो लंबे समय तक निवेश में बने रहे. दरअसल, लार्ज कैप में निवेश से अशांत समय में स्थिरता मिलती है और दीर्घकालिक अवधि में संपत्ति निर्माण में मदद मिलती है, जिससे यह किसी भी मुख्य पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बनते हैं. इन कंपनियों का मजबूत फंडामेंटल ट्रैक रिकॉर्ड होता है, जो उन्हें मिड-कैप और स्मॉल-कैप्स की तुलना में कम उतार-चढ़ाव वाला बनाता है.

एकमुश्‍त निवेश पर कितना रिटर्नअर्थलाभ डॉटकॉम के अनुसार, इस म्‍यूचुअल फंड ने 23 मई, 2008 को अपनी शुरुआत के बाद से एकमुश्‍त और एसआईपी दोनों ऑप्‍शन में तगड़ा रिटर्न दिया है. अगर किसी ने शुरुआत में (23 मई 2008) 10 लाख रुपये का एकमुश्‍त निवेश किया होगा, तो यह 31 अक्टूबर 2025 तक लगभग 1.13 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसका आकर्षक CAGR (संपूर्ण वार्षिक वृद्धि दर) 15% है. इसी अवधि में फंड के बेंचमार्क Nifty 100 TRI में निवेश से 68.9 लाख रुपये मिलते, जो 11.3% CAGR को दर्शाता है.

एसआईपी ने भी किया कमालफंड का SIP रिटर्न भी शानदार है. शुरुआत से अगर किसी ने हर महीने 10,000 रुपये का निवेश किया होता तो अब तक कुल निवेश 21 लाख रुपये का हो जाता. यह पैसा 31 अक्टूबर, 2025 तक बढ़कर 95.8 लाख रुपये बन जाता. इसका मतलब है कि एसआईपी में सालाना 15.5% का दमदार रिटर्न मिला है. इसी अवधि में बेंचमार्क में निवेश करने से 13.8% रिटर्न मिलता. इसका मतलब है कि बेंचमार्क के मुकाबले भी इस विकल्‍प ने कहीं ज्‍यादा रिटर्न दिया है.

3 और 5 साल का रिटर्न भी दमदारऐसा नहीं है कि इस म्‍यूचुअल फंड ने सिर्फ लंबी अवधि में ही तगड़ा रिटर्न दिया है, बल्कि तीन और 5 साल की अवधि में भी इसका प्रदर्शन शानदार रहा है. तीन साल में इसका रिटर्न 17.8 फीसदी और 5 साल में 22.1 फीसदी रहा है. इस दौरान बेंचमार्क का रिटर्न क्रमश: 3.5 फीसदी और 3.2 फीसदी के आसपास रहा. अपने दमदार प्रदर्शन के बूते ही आज यह सबसे बड़ा फंड है, जिसका AUM 75,863 करोड़ रुपये है. सेक्टोरल अलोकेशन की बात करें तो फंड के टॉप होल्डिंग्स में बैंकिंग (23%), ऑटोमोबाइल (10.7%) और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स (7.6%) आते हैं.

(Disclaimer: यहां बताए गए स्‍टॉक्‍स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्‍टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए जिम्मेदार नहीं होगा.)

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