मुंबई से दूर पनवेल में चुपचाप चल रही किताबों की क्रांति, युवाओं ने बदल दिया पढ़ने का पूरा तरीका

Last Updated:December 26, 2025, 16:56 IST
Mumbai News : पनवेल की अनुष्का द्वारा संचालित Pages of Panvel कम्युनिटी हर रविवार ओपन स्पेस में बुक लवर्स को मुफ्त किताबें पढ़ने और चर्चा का मौका देती है, जिससे युवाओं में पढ़ने की आदत बढ़ रही है. Local 18 से बातचीत में अनुष्का बताती हैं कि उनकी इस कम्युनिटी से जुड़ने वाले ज्यादातर लोग युवा पीढ़ी से हैं, जिनमें किताबें पढ़ने का जोश और जुनून साफ दिखाई देता है.
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मुंबई. मुंबई के शोर शराबे से दूर नवी मुंबई के पनवेल में युवाओं की एक ऐसी कम्युनिटी सक्रिय है, जो बुक लवर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आमतौर पर किताबें पढ़ने के लिए लोग लाइब्रेरी जाते हैं, लेकिन पनवेल में यह सोच काफी पीछे छूट चुकी है. यहां एक ऐसी कम्युनिटी है, जिसने किताब पढ़ने के पूरे कॉन्सेप्ट को ही नया रूप दे दिया है. नई सोच और अनोखे प्रयोग के साथ यह पहल न सिर्फ पढ़ने की आदत को बढ़ावा दे रही है, बल्कि युवाओं को किताबों से जोड़ने का नया तरीका भी सिखा रही है. इस कम्युनिटी का नाम पेजेस ऑफ पनवेल है, जो बुक लवर्स की एक संगठित कम्युनिटी है. इसे पनवेल की रहने वाली अनुष्का द्वारा संचालित किया जाता है.
Local 18 से बातचीत में अनुष्का बताती हैं कि उनकी इस कम्युनिटी से जुड़ने वाले ज्यादातर लोग युवा पीढ़ी से हैं, जिनमें किताबें पढ़ने का जोश और जुनून साफ दिखाई देता है. यह लोग हर रविवार सुबह 8 बजे से 10 बजे तक किसी शांत और खुले वातावरण वाली जगह पर इकट्ठा होते हैं. आमतौर पर यह स्थान पार्क या कोई ओपन स्पेस होता है, जबकि इंडोर जगहों को इसमें शामिल नहीं किया जाता. खुले आसमान के नीचे, हरियाली और शांति के बीच बैठकर किताबें पढ़ना इस कम्युनिटी की सबसे बड़ी खासियत है.
किताबों का साझा संग्रह और बिना किसी शुल्क के पढ़ने की सुविधाअनुष्का बताती हैं कि कम्युनिटी के पास करीब 40 से 50 किताबों का संग्रह है, जो अलग-अलग लोगों द्वारा दान की गई हैं. हर रविवार सदस्य इन किताबों में से कोई नई किताब चुनकर पढ़ते हैं. इसके लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता. एक बड़ा सा बैग होता है, जिसमें सभी किताबें रखकर कम्युनिटी के सदस्य हर रविवार अपने तय स्पॉट पर पहुंचते हैं. खास बात यह है कि इस कम्युनिटी से जुड़ने के बाद जो लोग पहले किताबें नहीं पढ़ते थे, वे भी कुछ ही हफ्तों में बुक लवर्स बन जाते हैं.
सेशन के बाद चर्चा और नए विचारों का आदान प्रदानहर सेशन के अंत में सभी सदस्य एक साथ बैठकर किताबों पर चर्चा करते हैं. हर व्यक्ति अपनी पढ़ी हुई किताब, उसके लेखक और कंटेंट के बारे में बाकी लोगों को बताता है. इस चर्चा के दौरान एक ही बार में 10 से 12 नई किताबों के बारे में जानने का मौका मिल जाता है, जिससे दूसरों को भी उन्हें पढ़ने की प्रेरणा मिलती है. यह प्रक्रिया ज्ञान बढ़ाने के साथ-साथ सोच को भी व्यापक बनाती है.
कम्युनिटी से जुड़ने का आसान तरीकापेजेस ऑफ पनवेल से जुड़ने के लिए इच्छुक लोग इनके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर दिए गए बायो में मौजूद फॉर्म को भर सकते हैं. वहीं हर हफ्ते मिलने की जगह और अन्य जरूरी जानकारियां भी साझा की जाती हैं. नए लोगों से मिलने, किताबों पर चर्चा करने और ज्ञान बढ़ाने के लिए यह कम्युनिटी युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
December 26, 2025, 16:56 IST
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पनवेल में चल रही किताबों की क्रांति, युवाओं ने बदल दिया पढ़ने का पूरा तरीका



