दो राज्यों की मिट्टी, 1250°C की तपन! ऐसे तैयार होते हैं चीनी मिट्टी के ये खास बर्तन, जयपुर के लोगों की बनी पहली पसंद

जयपुर. राजधानी जयपुर अपनी हैंडमेड चीज़ों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है, लेकिन यहां लोग अलग-अलग राज्यों के बेहतरीन हैंडमेड प्रोडक्ट्स को भी खूब पसंद करते हैं. इनमें सबसे खास उत्तर प्रदेश के खुर्जा की क्रॉकरी है, जो जयपुर ब्लू पॉटरी की तरह ही दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखती है और काफी फेमस है. इन दिनों जयपुर में विंटर सीजन के चलते शहर के अलग-अलग इलाकों में शॉपिंग फेस्टिवल और मेलों का आयोजन हो रहा है, जहां लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. इन फेयरों में सबसे खास बात यह है कि चीनी मिट्टी के इन खास बर्तनों की सबसे ज्यादा डिमांड देखने को मिल रही है. लोकल 18 ने चीनी मिट्टी के बर्तन तैयार करने वाले कुछ कारीगरों से बातचीत की.
कारीगरों ने बताया कि सर्दियों के मौसम में इन बर्तनों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इसकी वजह इनकी शानदार चमक, मजबूती और आकर्षक डिजाइन है, जो लोगों को खूब पसंद आती है. इसी कारण पूरे साल जयपुर में इन बर्तनों की बंपर डिमांड बनी रहती है. कारीगरों का कहना है कि ये बर्तन दिखने में सुंदर होने के साथ-साथ भोजन की पौष्टिकता को भी बनाए रखते हैं. इन्हें खासतौर पर राजस्थान और गुजरात की मिट्टी से उत्तर प्रदेश में तैयार किया जाता है. व्यापारी इन बर्तनों के जरिए सालभर में लाखों रुपये का कारोबार करते हैं. कारीगर बताते हैं कि बाजार में स्टील, लोहे, पीतल, तांबे और लकड़ी के बर्तन भी उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें इन बर्तनों जैसी सुंदरता नहीं होती. साथ ही, ये अन्य बर्तनों की तुलना में सस्ते भी होते हैं.
1250 डिग्री सेल्सियस की भट्टी में तपकर तैयार होते हैं बर्तन
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में उत्तर प्रदेश के खुर्जा से आए कारीगर बताते हैं कि जयपुर की ब्लू पॉटरी और खुर्जा की क्रॉकरी देखने में भले ही एक जैसी लगती हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है. ब्लू पॉटरी में अधिकतर नीले रंग का इस्तेमाल होता है, जबकि खुर्जा की क्रॉकरी में सभी रंगों का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा, दोनों के बनने की प्रक्रिया और उपयोग भी पूरी तरह अलग है. खुर्जा की क्रॉकरी के ये खास बर्तन 1250 डिग्री सेल्सियस तापमान की भट्टी में तपकर तैयार होते हैं, जिससे इनकी क्वालिटी काफी अच्छी होती है और ये बेहद मजबूत होते हैं.
इन बर्तनों का उपयोग पूरी तरह किचन में किया जाता है, जबकि ब्लू पॉटरी के बर्तन अधिकतर सजावटी होते हैं. इन बर्तनों की जयपुर में इतनी ज्यादा डिमांड है कि व्यापारी पूरे साल इन्हें यहां लेकर आते हैं और लाखों रुपये कमाते हैं. जयपुर में लोग अपने बजट के अनुसार 20 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक के फ्लावर पॉट्स और बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं.
फेयर में उपलब्ध हैं खास वैरायटी के बर्तन
जयपुर के विंटर फेयरों में लोग सबसे ज्यादा खुर्जा की क्रॉकरी के किचन बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं. इनमें डिनर सेट, कॉफी मग, टी सेट, पौधों के लिए पॉट्स, अचार की स्पेशल बरनियां और घरेलू सजावट के लिए सुंदर होम डेकोरेटिव बर्तन शामिल हैं, जो घर की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. फेयरों में लोगों को एक ही जगह पर अलग-अलग वैरायटी और रंगों में तैयार ये खास बर्तन बेहद सस्ती कीमत पर मिल रहे हैं. वैसे तो जयपुर के सभी विंटर फेयरों में इन बर्तनों की अच्छी खरीदारी हो रही है, लेकिन जवाहर कला केंद्र में लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है. पिछले एक महीने में यहां लाखों रुपये के बर्तनों की बिक्री हो चुकी है और अब भी लोग लगातार खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं. सभी फेयरों में बर्तनों का इतना भव्य कलेक्शन है कि लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार हर तरह के बर्तन आसानी से खरीद सकते हैं.



