इन पांच चीजों का खास मिश्रण सर्दियों में पशुओं की सेहत और दूध दोनों बढ़ाने का है देसी फॉर्मूला!

Last Updated:January 02, 2026, 11:25 IST
सर्दियों में पशुओं की सेहत और दूध उत्पादन बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है, भरतपुर के ग्रामीण पशुपालकों द्वारा अपनाया जा रहा सरसों की खली, गेहूं का दलिया, चना चूरी, गुड़, सूखा चारा और नमक से तैयार देसी आहार मिश्रण इस मौसम में बेहद कारगर साबित हो रहा है. यह पोषक मिश्रण न सिर्फ पशुओं को ठंड से बचाता है, बल्कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर दूध की मात्रा और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार करता है.
सर्दियों के मौसम में पशुओं को ठंड से बचाना और दूध उत्पादन बनाए रखना पशुपालकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है. ठंड बढ़ने के साथ-साथ पशुओं की ऊर्जा की आवश्यकता भी बढ़ जाती है. ऐसे में संतुलित और पोषक आहार देना बेहद ज़रूरी हो जाता है. भरतपुर के ग्रामीण पशुपालकों का मानना है कि यदि सर्दियों में 5 से 6 पोषक तत्वों का सही मिश्रण बनाकर पशुओं को खिलाया जाए, तो इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध की मात्रा और गुणवत्ता पर भी पड़ता है.

ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से आजमाया जा रहा एक विशेष आहार मिश्रण इस मौसम में काफी कारगर साबित हो रहा है.इस मिश्रण में सरसों की खली गेहूं का दलिया, चना चूरी, गुड़, सगा सूखा चारा और नमक शामिल किया जाता है.ये सभी सामग्री आसानी से उपलब्ध होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर होती हैं. सरसों की खली प्रोटीन का अच्छा स्रोत मानी जाती है.

जिससे पशुओं की मांसपेशियां मजबूत होती हैं.और दूध उत्पादन में वृद्धि होती है.वहीं गेहूं का दलिया और चना चूरी ऊर्जा प्रदान कर पशुओं को सर्दी के असर से बचाने में मदद करते हैं.गुड़ इस मिश्रण का अहम हिस्सा होता है.जो न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है.बल्कि पाचन क्रिया को भी मजबूत करता है.गुड़ में मौजूद खनिज तत्व पशुओं के शरीर में गर्मी बनाए रखने में सहायक होते हैं.
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सगा या सूखा चारा रेशे की पूर्ति करता है.जिससे पशुओं का पेट सही रहता है.और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है.इसके साथ ही नमक मिलाने से शरीर में आवश्यक खनिजों की कमी पूरी होती है और भूख भी बढ़ती है.पशुपालकों के अनुसार सर्दियों में इस तरह का पोषक मिश्रण नियमित रूप से देने से पशु अधिक सक्रिय रहते हैं.और बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है.यह आहार पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.

भरतपुर के कई ग्रामीण पशुपालकों का कहना है.कि इस मिश्रण को अपनाने के बाद उनके पशुओं के दूध में न सिर्फ मात्रा बढ़ी है.बल्कि दूध की गुणवत्ता भी बेहतर हुई है.सर्दियों के मौसम में पशुओं को ठंड से बचाने के लिए केवल बाहरी इंतजाम ही नहीं बल्कि आंतरिक पोषण पर भी ध्यान देना चाहिए संतुलित आहार साफ पानी और उचित देखभाल के साथ यह पोषक मिश्रण पशुओं को स्वस्थ रखने और दूध उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है
First Published :
January 02, 2026, 11:25 IST
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ठंड में भी नहीं घटेगा दूध! जानिए पशुओं के लिए का खास आहार मिश्रण



