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बीहड़ों से निकली आस्था की गाथा! चंबल की मिट्टी से बनी हनुमान जी की मूर्ति, दर्शन के लिए उमड़ी रही भीड़

Last Updated:November 11, 2025, 14:36 IST

Dhaulpur Chambal Hanuman Ji Murti: चंबल के बीहड़ों की पवित्र मिट्टी से बनाई गई मोटे हनुमान जी की यह मूर्ति आज शहर के व्यापारियों की आस्था का प्रतीक बन चुकी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रतिमा की स्थापना के बाद व्यापार में उन्नति और सुख-समृद्धि बढ़ी है. मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों भक्त दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.

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रिपोर्ट: सचिन शर्मा- धौलपुर

धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर शहर में संतर रोड के मुख्य बाजार में स्थित मोटे हनुमान जी का मंदिर आस्था का केंद्र है. भगवान हनुमान, जिन्हें भक्त अमर और संकटमोचन मानते हैं, यहां ‘मोटे हनुमान’ के रूप में पूजे जाते हैं. इस मंदिर की विशिष्टता और मूर्ति के मोटे स्वरूप की कहानी अनूठी है, जो भक्तों के बीच चमत्कार और श्रद्धा का प्रतीक बनी हुई है. हर मंगलवार और शनिवार को हजारों भक्त दर्शन के लिए उमड़ते हैं, और व्यापारी दुकान खोलने से पहले मोटे हनुमान जी से व्यापार की समृद्धि की प्रार्थना करते हैं.

मोटे हनुमान जी की मूर्ति का निर्माण 1963 में धौलपुर के प्रसिद्ध मूर्तिकार और अध्यापक तुहेंद्र नाथ गोस्वामी ने किया था. मंदिर के पुजारी भगवान दास शर्मा के अनुसार, चंबल के बीहड़ की मिट्टी और कंकड़ों से बनी इस भव्य मूर्ति को बनाने में विशेष तकनीक का उपयोग हुआ. रंग भरने में एक रात की देरी और गीली चिकनी मिट्टी के कारण मूर्ति का स्वरूप मोटा हो गया. तुहेंद्र नाथ ने इस अनोखे रूप को ही स्वीकार कर इसे अंतिम आकार दिया. इसीलिए हनुमान जी को ‘मोटे हनुमान’ के नाम से जाना गया. मूर्ति की भव्यता और विशिष्टता ने इसे शहर में धार्मिक आस्था का प्रतीक बना दिया.

चमत्कारी स्थापना: मूर्ति जो टस से मस न हुई1963 में हनुमान जयंती के अवसर पर मोटे हनुमान जी की मूर्ति को ट्रैक्टर पर रखकर शोभायात्रा के लिए निकाला गया. शोभायात्रा के दौरान संतर रोड पर ट्रैक्टर खराब हो गया, और मूर्ति को वहीं उतारना पड़ा. आश्चर्यजनक रूप से, क्रेन या अन्य साधनों से मूर्ति को उठाने के तमाम प्रयास विफल रहे. भक्तों ने इसे हनुमान जी की इच्छा माना, और उसी स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा के साथ मूर्ति को विराजमान किया गया. 2008 में इस स्थल पर एक विशाल मंदिर का निर्माण हुआ, जो अब धौलपुर की शान है.

भक्तों की आस्था और मंदिर का महत्वमोटे हनुमान जी का मंदिर धौलपुर के व्यापारिक और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न अंग है. व्यापारी दैनिक दर्शन के साथ अपने कारोबार की सफलता की कामना करते हैं, और भक्तों का विश्वास है कि हनुमान जी उनकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं. मंगलवार और शनिवार को मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, और भजन-कीर्तन के साथ उत्सवी माहौल रहता है. पुजारी भगवान दास शर्मा बताते हैं कि मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और विशेष अवसरों पर हवन-पाठ आयोजित होते हैं.

प्रेरणा और सामाजिक संदेशमोटे हनुमान जी का मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि चमत्कार और श्रद्धा का संयोग किस तरह समाज को एकजुट करता है. तुहेंद्र नाथ गोस्वामी की कला और भक्तों की श्रद्धा ने इस मंदिर को धौलपुर की पहचान बनाया. यह कहानी हमें सिखाती है कि भक्ति और समर्पण किसी भी रुकावट को पार कर सकते हैं. मोटे हनुमान जी का आशीर्वाद धौलपुरवासियों के लिए सदा संकटमोचन बना रहे.

Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें

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Location :

Dhaulpur,Rajasthan

First Published :

November 11, 2025, 14:36 IST

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बीहड़ों से निकली आस्था की गाथा! चंबल की मिट्टी से बनी हनुमान जी की मूर्ति

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