माउंट आबू का तापमान पहुंचा शून्य पर, अगले दो दिन और हालात हो सकते हैं बदतर, जानें IMD का लेटेस्ट अपडेट

जयपुर. राजस्थान का प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू इस समय सर्दी के चक्रव्यूह में फंस गया है. रात में यहां का न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंचे लगा है. इसकी बानगी सोमवार की रात देखने मिली, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठंड ने हाड़ कपाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है, जहां तापमान माइनस एक या दो डिग्री सेल्सियस के आस-पास घूम सकता है. ऊंचाई वाली चोटियों पर हल्की बर्फबारी की संभावना भी बन रही है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है. फिलहाल यहां का तापमान तीन डिग्री के आस-पास बना हुआ है.
माउंट आबू, जो अरावली पर्वतमाला का सबसे ऊंचा बिंदु है, हमेशा अपनी ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है. लेकिन इस बार नवंबर के मध्य में ही सर्द लहर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया. मौसम वैज्ञानिाकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं, जिसका असर पूरे सिरोही जिले पर पड़ रहा है. सोमवार शाम से ही घना कोहरा छा गया, जिससे दृश्यता घटकर 50 मीटर तक रह गई. सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, और वाहनों का आवागमन धीमा पड़ गया है. स्थानीय प्रशासन को यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के लिए निर्देश जारी करना पड़ गया.
हाेटल व्यवसायियों को झेलनी पड़ रही दोहरी मार
पर्यटक नगरी माउंट आबू में ठंड का यह अचानक हमला होटल व्यवसायियों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है. नक्की झील के किनारे घूमने वाले सैलानी अब गरम कंबलों में दुबकने को मजबूर हैं. होटल मालिकों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में तापमान 8-10 डिग्री के आस-पास रहता था, लेकिन इस बार तो बिल्कुल आइस लैंड जैसा माहौल हो गया. बुकिंग्स तो ठीक हैं, लेकिन बाहर निकलना मुश्किल है. वहीं, ब्रह्मा कुमारी आश्रम और दिलवाड़ा जैन मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु भी ठंड से जूझ रहे हैं. कईयों को हल्की सर्दी-जुकाम की शिकायत हो रही है.
शून्य से नीचे जा सकता है माउंट आबू का तापमान
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे जा सकता है, जबकि अधिकतम 5-7 डिग्री के बीच रहेगा. हवा की गति 15-20 किमी प्रति घंटा तक रहने से ‘चिल’ फैक्टर बढ़ जाएगा, यानी महसूस होने वाली ठंड कई गुना अधिक होगी. माउंट आबू की यह सर्दी न सिर्फ स्थानीय जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि पर्यावरण पर भी असर डाल रही है. झीलों का जलस्तर जमने लगा है, और वन्यजीवों को भोजन की तलाश में कठिनाई हो रही है. वन विभाग ने वन्य प्राणियों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की है.
जयपुर और अलवर में भी शीतलहर का अनुमान
दूसरी ओर, पूर्वी राजस्थान के जिलों जयपुर, अलवर, दौसा आदि में 18 से 20 नवंबर तक शीत लहर जारी रहने का अनुमान है. यहां तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री नीचे रहेगा. लेकिन माउंट आबू पर फोकस करते हुए, यह साफ है कि हिल स्टेशन की खूबसूरती अब सर्दी की कठोरता से ढकी हुई है.



