Rajasthan

सेवन का वृक्ष आस्था, ऊर्जा व पर्यावरण के लिए लाभकारी

Last Updated:November 23, 2025, 19:41 IST

जालोर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सेवन का वृक्ष सिर्फ हरियाली का नहीं, बल्कि गहरी आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि घर के बाहर लगा यह वृक्ष नकारात्मक शक्तियों को दूर रखता है और शुभता लाता है. कम पानी में भी घनी छाया देने वाला यह पौधा सूखे क्षेत्रों में हरियाली बनाए रखने, वातावरण शुद्ध करने और पक्षियों को आश्रय देने में बेहद उपयोगी साबित होता है. इसी कारण लोग इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ घरों, खेतों और धार्मिक स्थलों पर लगाते हैं.

जालौर. हर पेड़ सिर्फ छांव नहीं देता… कुछ पेड़ आस्था भी देते हैं. कुछ पेड़ ऐसे होते हैं, जो सिर्फ मिट्टी से नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास से जुड़े होते हैं. ऐसा ही एक विशेष वृक्ष है सेवन का वृक्ष, जिसे यहां लोग केवल हरियाली नहीं, बल्कि लक्ष्मी-नारायण का पावन प्रतीक मानते हैं. जालोर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक ऐसा वृक्ष भी है, जो सिर्फ हरियाली का प्रतीक नहीं बल्कि लोगों की गहरी आस्था से भी जुड़ा हुआ है.

मान्यता है कि जिन घरों के बाहर सेवन का वृक्ष होता है, वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मक शक्तियां पास नहीं आती. यही कारण है कि लोग इसे अपने घरों और धार्मिक स्थलों के बाहर श्रद्धा के साथ लगाते हैं. कई परिवारों में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है कि सुबह सबसे पहले सेवन के वृक्ष के दर्शन किए जाएं, फिर घर से बाहर कदम रखा जाए, ताकि पूरा दिन शुभ और सकारात्मक रहे.

यह वृक्ष सूखे इलाकों में भी बनाए रखता है हरियाली धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवन का वृक्ष पर्यावरण के लिए भी बेहद उपयोगी है. यह वृक्ष घना होता है, जिसकी वजह से यह गर्मियों में ठंडी छाया प्रदान करता है और वातावरण को शुद्ध रखने में मदद करता है. पक्षियों और छोटे जीवों के लिए भी यह एक सुरक्षित आश्रय स्थल बनता जा रहा है. कम पानी में पनपने वाला यह वृक्ष सूखे इलाकों में भी हरियाली बनाए रखता है, जिससे स्थानीय जैव-विविधता को सहारा मिलता है. जालोर के माता रानी भटियाणी नर्सरी के संचालक भरत सिंह राजपुरोहित लोकल 18 को बताते हैं कि जालोर की जलवायु के हिसाब से सेवन का पौधा बेहद अनुकूल है और यह कम पानी में भी अच्छी तरह पनप जाता है. इसी कारण इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है और लोग इसे अपने घर, खेत और धार्मिक स्थलों पर लगा रहे हैं. सेवन का वृक्ष कोई साधारण पौधा नहीं है, इसे लक्ष्मी-नारायण का प्रतीक माना जाता है. कई लोग तो रोज सुबह इसके दर्शन कर ही घर से निकलते हैं, ताकि पूरे दिन उनके आसपास कोई नेगेटिविटी न रहे, साथ ही पर्यावरण के लिहाज से भी ये बहुत फायदेमंद है.

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW… और पढ़ें

Location :

Jalor,Rajasthan

First Published :

November 23, 2025, 19:41 IST

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जालौर का सेवन का वृक्ष आस्था, ऊर्जा व पर्यावरण के लिए लाभकारी

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