थाईलैंड-कंबोडिया बॉर्डर पर जंग रुकी! ट्रंप की चेतावनी के बाद दोनों देश बातचीत को राजी

नई दिल्ली: कंबोडिया और थाईलैंड के बीच तीन दिन से जारी खूनी संघर्ष अब कूटनीतिक मोड़ लेता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद दोनों देशों ने युद्धविराम को लेकर बातचीत के लिए सहमति जताई है. थाईलैंड के कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथम वेचायाचाई ने कहा कि वे जल्द से जल्द द्विपक्षीय वार्ता चाहते हैं, जबकि कंबोडिया ने भी बातचीत की ‘ईमानदार मंशा’ जताने की बात कही है. ट्रंप ने स्कॉटलैंड से एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने कंबोडियाई प्रधानमंत्री हुन मानेट और थाई प्रधानमंत्री वेचायाचाई से सीधे बात की. ट्रंप ने दोनों को स्पष्ट कहा कि अगर संघर्ष नहीं रुका तो अमेरिका उनके साथ व्यापारिक समझौते नहीं करेगा. ट्रंप ने दावा किया, ‘दोनों पक्ष युद्धविराम और शांति चाहते हैं.’
इससे पहले शनिवार को सीमा विवाद तीसरे दिन भी भड़क उठा. थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ने एक-दूसरे पर आत्मरक्षा में कार्रवाई का दावा किया और युद्ध रोकने की अपील की. लेकिन हालात लगातार बिगड़ते रहे. थाई तटीय प्रांत त्राट और कंबोडिया के पुरसात में गोलीबारी हुई. ये नया संघर्ष क्षेत्र पहले के विवादित इलाकों से 100 किलोमीटर दूर है.
अब तक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है. 1.3 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं. थाईलैंड के मुताबिक उनके 7 सैनिक और 13 नागरिक मारे गए हैं. कंबोडिया ने 5 सैनिकों और 8 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है.
थाईलैंड-कंबोडिया बॉर्डर पर क्यों हुआ तनाव?
मई के आखिर में एक कंबोडियाई सैनिक की मौत के बाद दोनों देशों के बीच तनातनी शुरू हुई थी. इसके बाद सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई. थाईलैंड की नाज़ुक गठबंधन सरकार पर संकट गहरा गया. शनिवार को ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सहयोगियों की अपील के बाद खुद दोनों नेताओं से बात की और संदेशों का आदान-प्रदान किया. उन्होंने लिखा, ‘अब दोनों देश मिलकर युद्धविराम और अंततः शांति पर काम करने को तैयार हैं.’
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, जो ASEAN के अध्यक्ष हैं, ने भी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है. कंबोडिया ने इसका समर्थन किया है जबकि थाईलैंड ने ‘सैद्धांतिक सहमति’ जताई है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में थाई प्रतिनिधि चेरदचाई चैवैवद ने दावा किया कि उनके सैनिकों पर जुलाई से दो बार थाई क्षेत्र में नई बारूदी सुरंगों से हमला हुआ. उन्होंने कंबोडिया पर गुरुवार को हमला करने का आरोप भी लगाया.
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने थाईलैंड पर ‘जानबूझकर और गैरकानूनी हमला’ करने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से थाईलैंड की निंदा करने की मांग की. थाईलैंड ने फिर दोहराया कि वह इस मुद्दे को द्विपक्षीय तरीके से हल करना चाहता है.
बहुत पुराना है कंबोडिया और थाईलैंड का विवाद
असल में ये विवाद नया नहीं है. 817 किलोमीटर लंबी सीमा के कई हिस्से दशकों से विवादित हैं. 11वीं सदी का प्रीह विहार मंदिर और ता मोन थॉम जैसे हिंदू मंदिर दोनों देश अपने क्षेत्र में बताते हैं. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने 1962 में प्रीह विहार को कंबोडिया का हिस्सा बताया था. लेकिन 2008 में जब कंबोडिया ने इसे UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल कराने की कोशिश की, तब विवाद और बढ़ गया.



