Rajasthan

चूरू गैंगरेप प्रकरण: तात्कालीन SHO समेत 6 नामजद, अब SIT करेगी परत-दर-परत जांच, 7 सदस्यीय टीम गठित

चूरू. पुलिस विभाग को झकझोर देने वाले महिला कॉन्स्टेबल से कथित गैंगरेप और देहशोषण के मामले में अब जांच का दायरा और गंभीर हो गया है. चूरू एसपी ने इस संवेदनशील प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. यह टीम अब पूरे मामले की परत-दर-परत जांच करेगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.

एसपी द्वारा गठित सात सदस्यीय SIT में वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. टीम की कमान आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटिल को सौंपी गई है. उनके साथ आरपीएस विजय मीणा, सरदारशहर सर्किल इंस्पेक्टर मदनलाल बिश्नोई, महिला थानाधिकारी रचना बिश्नोई, एएसआई अजित कुमार, भगीरथ और कॉन्स्टेबल रमाकांत को सदस्य बनाया गया है. इस टीम को सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करने और समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.

तीन दिन पहले मामला हुआ था दर्ज

यह मामला तीन दिन पहले सिद्धमुख थाने में दर्ज हुआ था. पीड़िता महिला कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया है कि उसके साथ वर्ष 2017 से 2025 तक लगातार रेप और देहशोषण किया गया. शिकायत में तात्कालीन एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मियों और दो अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. आरोप है कि पुलिस विभाग में रहते हुए ही उसके साथ लंबे समय तक शारीरिक शोषण किया गया और दबाव बनाकर उसे चुप रहने को मजबूर किया गया.

पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि आरोपियों ने अपने पद और रसूख का दुरुपयोग किया. जब-जब उसने विरोध करने की कोशिश की, तब उसे नौकरी से जुड़े नुकसान और मानसिक प्रताड़ना की धमकियां दी गईं. मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया. खास बात यह है कि पीड़िता पिछले दो महीने से सस्पेंड चल रही है, जिसे लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

पीड़िता के बयान दोबारा दर्ज करेगी एसआईटी

SIT अब सबसे पहले पीड़िता के बयान दोबारा दर्ज करेगी और पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करेगी. इसके बाद आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, विभागीय दस्तावेज, ड्यूटी रजिस्टर और अन्य डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी. जांच टीम यह भी देखेगी कि क्या इस मामले में पहले किसी स्तर पर शिकायत की गई थी और यदि की गई थी तो उस पर क्या कार्रवाई हुई. चुरू एसपी कार्यालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि SIT को पूरी स्वतंत्रता दी गई है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, आम जनता और पुलिसकर्मी भी इस मामले की जांच के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं. अब देखना यह होगा कि SIT की जांच से क्या-क्या नए खुलासे सामने आते हैं और क्या पीड़िता को न्याय मिल पाता है.

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