प्रॉपर्टी में सबसे हिट साबित हुआ ये एक्सप्रेसवे, लग्जरी घरों का लगा अंबार, 5 साल में बदल दी दिल्ली-गुड़गांव की तस्वीरdwarka expressway between delhi gurgaon is on top in real estate property prices most of big brands are here with luxury houses ultra luxury projects

Dwarka expressway property price news: भारत में बने एक्सप्रेसवेज ने सिर्फ गाड़ियों की रफ्तार ही नहीं बदली बल्कि प्रॉपर्टी के क्षेत्र में धमाल मचा दिया है. इन एक्सप्रेसवे के किनारे न केवल लग्जरी टाउनशिप्स बन गई हैं बल्कि देश के टॉप रियल एस्टेट ब्रांड आज इन्हीं के आसपास अपनी परियोजनाएं लांच कर रहे हैं. हालांकि देशभर के एक्सप्रेसवेज में सबसे टॉप दिल्ली-गुरुग्राम के बीच में बने द्वारका एक्सप्रेसवे ने किया है. जहां प्रॉपर्टी की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से बढ़ी हैं. इस एक्सप्रेसवे ने दिल्ली-गुड़गांव की तस्वीर ही बदल कर रख दी है.
हाल ही में आई स्क्वायर यार्ड्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट मार्केट में घरों की कीमतों में पिछले पांच सालों में लगभग साढ़े तीन गुना की भारी वृद्धि हुई है.ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वहां ग्राहकों की मांग बहुत ज्यादा है, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बहुत अच्छा हुआ है और आर्थिक माहौल भी खरीदने के पक्ष में है.
द्वारका एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बड़े बड़े रियल एस्टेट ब्रांड्स प्रोजेक्ट्स लांच कर रहे हैं.
रियल एस्टेट कंसल्टेंट फर्म ने बताया कि 29 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर अब दिल्ली एनसीआर में सिर्फ़ एक उभरता हुआ माइक्रो मार्केट नहीं रहकर एक प्रमुख माइक्रो मार्केट बन गया है. इस तेजी से विकास ने एक्सप्रेसवे को रिहायशी निवेश का केंद्र बना दिया है और इसकी लोकप्रियता घर खरीदने वालों और डेवलपर्स दोनों को आकर्षित कर रही है.एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे प्रोजेक्ट के आसपास बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं और लक्जरी घरों की बढ़ती मांग मुख्य कारण हैं.
आसान कनेक्टिविटी और चमकता इलाका दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे सबसे बड़ा सहयोगी साबित हो रहा है. यह IGI हवाई अड्डा, साइबर सिटी, यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर और उद्योग विहार जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों तक आसान पहुंच प्रदान करता है, जिससे यात्रा तेज और सुविधाजनक होती है. राजोकरी और महिपालपुर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक से बचने की इसकी क्षमता इसे और महत्वपूर्ण बनाती है. इस सुलभ कॉरिडोर के कारण ही डेवलपर्स और खरीदार इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं.
बता दें कि कोविड-19 के बाद से यह एक्सप्रेसवे घर खरीदारों और डेवलपर्स के लिए एक प्रमुख निवेश गंतव्य बन गया है और आकर्षक निवेश अवसर प्रदान कर रहा है. खरीदार इस क्षेत्र में लंबी अवधि के लाभ की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि यह कनेक्टिविटी और नए प्रोजेक्ट्स दोनों तो दे ही रहा है यहां की बढ़ती कीमतें लोगों की उम्मीदों को बढ़ा रही हैं.
लग्जरी प्रोजेक्ट्स की खान बना एक्सप्रेसवे
द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम का सबसे उभरता इलाका बन गया है.
द्वारका एक्सप्रेसवे पर लग्ज़री घरों के लगातार लॉन्च होने का अनुमान है. आमतौर पर लक्जरी घर खरीदने वाले लोग ऐसे प्रोजेक्ट्स पसंद करते हैं जो सस्टेनेबल, हाई-एंड सिक्योरिटी और आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर जीवन अनुभव दें. इस कॉरिडोर में गेटेड कम्युनिटी, ब्रांडेड रेजिडेंस और लग्ज़री अपार्टमेंट्स का दबदबा है और हर डेवलपर अलग-अलग फीचर्स जोड़कर इनकी अपील बढ़ा रहा है. बढ़ती आय और प्रीमियम जीवनशैली की ओर बदलती पसंद भी लक्जरी होम्स की मांग को बढ़ा रही है. गुरुग्राम विशेष रूप से मल्टीनेशनल कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा बिजनेस और आईटी हब बन गया है, जिससे पेशेवरों से भरी वर्कफोर्स में घरों की मजबूत मांग बनी हुई है.
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर स्ट्रैटेजी सुदीप भट्ट का कहना है कि गुरुग्राम ने अपने शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार कनेक्टिविटी और बढ़ते बिजनेस माहौल की वजह से खुद को दिल्ली एनसीआर का प्रमुख कमर्शियल सेंटर बना लिया है. कॉर्पोरेट विस्तार और बढ़ते एंटरप्रेन्योरियल बेस के कारण गुरुग्राम के ऑफिस और रिटेल सेक्टर में नई रफ़्तार देखी जा रही है. सोहना रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे और साउदर्न पेरिफेरल रोड जैसे माइक्रो मार्केट तेजी से अगले जनरेशन के बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स बन रहे हैं. व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन का आने वाला कमर्शियल प्रोजेक्ट अर्बन क्यूब्स 71 इसी का उदाहरण है. SPR पर स्थित यह हाई-एंड प्रोजेक्ट फ्लेक्सिबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी और एक्सपीरिएंशियल एंगेजमेंट के लिए फ्यूचर-रेडी स्पेस प्रदान कर रहा है. इतना ही नहीं गुरुग्राम घरेलू और वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना जारी रखे हुए है, जिससे यह पसंदीदा कमर्शियल डेस्टिनेशन और भारत की शहरी अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनता जा रहा है.
वहीं बीपीटीपी के सीईओ मानिक मलिक ने कहा कि गुरुग्राम में लक्जरी घरों की बढ़ती मांग दिल्ली-एनसीआर के विकास का स्वाभाविक परिणाम है. पिछले कुछ सालों में एनसीआर का रियल एस्टेट गुरुग्राम की ओर तेजी से शिफ्ट हुआ है, इसका कारण बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो विस्तार, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और प्रमुख कॉरिडोर में कॉर्पोरेट और जीसीसी कंपनियों का तेजी से क्लस्टरिंग होना है. गोल्फ कोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे भावी जीवनशैली के लिए नए शहरी केंद्र बन गए हैं. ग्लोबल कॉर्पोरेट्स द्वारा 80 लाख वर्ग फुट से अधिक ऑफिस लीजिंग के साथ, नौकरियों का सृजन यहीं केंद्रित हो रहा है, जिससे उच्च आय वाले पेशेवर, एनआरआई और सुरक्षित, हाई-एंड गेटेड कम्युनिटी की तलाश करने वाले खरीदार आकर्षित हो रहे हैं. इस साल एनसीआर के लगभग 60 फीसदी नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के हैं, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा गुरुग्राम का है.



