महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है यह पौधा, हार्मोन और इम्युनिटी बढ़ाने में है मददगर, उगाना है बेहद आसान

Last Updated:December 26, 2025, 07:37 IST
Shatavari Health Benefits: आयुर्वेद में शतावरी को महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना गया है. यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने, मासिक चक्र को नियमित करने और थकान कम करने में मदद करती है. इसमें प्राकृतिक एस्ट्रोजन और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने और संक्रमण से बचाने में सहायक होते हैं. शतावरी पाचन सुधारती है, कमजोरी दूर करती है और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है. इसे पाउडर, चूर्ण या काढ़े के रूप में लिया जा सकता है.
आयुर्वेद में शतावरी को एक अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना गया है.आज के समय में जब महिलाएं हार्मोन असंतुलन, कमजोरी, पाचन संबंधी समस्याओं और इम्युनिटी की कमी से जूझ रही हैं, ऐसे में शतावरी एक प्राकृतिक समाधान के रूप में सामने आती है. खास बात यह है कि शतावरी को घर के गार्डन या गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे यह हर घर की सेहत का हिस्सा बन सकती है.

शतावरी का नाम संस्कृत शब्द ‘शत’ यानी सौ और ‘वरी’ यानी रोग से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है सौ रोगों को हरने वाली. आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार शतावरी शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है और लंबे समय तक इसका सेवन करने से संपूर्ण स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. यह महिलाओं के लिए विशेष टॉनिक का काम करती है, प्रजनन क्षमता बढ़ाने, हार्मोन संतुलन बनाए रखने और शारीरिक शक्ति व प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है. शतावरी को प्राकृतिक और सुरक्षित स्वास्थ्य सुधारक माना जाता है.

महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन आज एक आम समस्या बन चुका है. पीरियड्स की अनियमितता, दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन इसके प्रमुख लक्षण हैं. शतावरी में मौजूद प्राकृतिक तत्व एस्ट्रोजन हार्मोन को संतुलित करने में मदद करते हैं. आयुर्वेद में इसे महिलाओं के हार्मोन बैलेंस के लिए बेहद उपयोगी माना गया है. इसका नियमित सेवन मासिक चक्र को सही करने, थकान कम करने और मूड स्विंग को नियंत्रित करने में सहायक होता है, जिससे महिलाओं का संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है.
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शतावरी इम्युनिटी बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. बदलते मौसम में बार-बार बीमार पड़ने वाली महिलाओं के लिए शतावरी का सेवन विशेष रूप से फायदेमंद होता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है और लंबे समय तक स्वास्थ्य बनाए रखने में सहायक होती है. नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत बनता है, थकान कम होती है और महिलाओं का संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में शतावरी सहायक होती है. यह गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है. जिन महिलाओं को कमजोरी या भूख न लगने की समस्या रहती है, उनके लिए शतावरी एक कारगर आयुर्वेदिक उपाय हो सकती है. इसके नियमित सेवन से पाचन प्रणाली बेहतर ढंग से काम करती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है. शतावरी न केवल पाचन सुधारती है, बल्कि महिलाओं की समग्र सेहत और जीवनशक्ति को भी बढ़ाती है.

शतावरी का उपयोग पाउडर, चूर्ण या काढ़े के रूप में किया जाता है. इसे आमतौर पर गुनगुने दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह पाचन और अवशोषण में मदद करता है और गुणकारी प्रभाव बढ़ाता है. हालांकि, किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है. इससे सही मात्रा, सही समय और सेवन का तरीका सुनिश्चित किया जा सकता है, ताकि शरीर को अधिकतम लाभ मिल सके और किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट से बचाव किया जा सके.

शतावरी महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने, इम्युनिटी मजबूत करने, पाचन सुधारने और कमजोरी दूर करने में मदद करती है. घर के गार्डन में उगने वाला यह छोटा सा पौधा महिलाओं की सेहत के लिए बड़ा सहारा बन सकता है. आयुर्वेद में इसे विशेष महत्व दिया गया है, क्योंकि इसके नियमित सेवन से संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है. शतावरी न केवल प्राकृतिक टॉनिक है, बल्कि यह महिलाओं के जीवन में स्वस्थता और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक है.
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December 26, 2025, 07:37 IST
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घर के गार्डन में उगाएं ये पौधा, हार्मोन और इम्युनिटी बढ़ाने में है मददगर



