बंदूक उठाते ही गोल्ड पर साधती हैं निशाना, जयपुर की इस खिलाड़ी ने नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में फिर जीता गोल्ड

Last Updated:January 02, 2026, 10:33 IST
Manini Kaushik Success Story: जयपुर की उभरती शूटिंग स्टार मानिनी कौशिक ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया है. 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर राइफल 3पी टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही उन्होंने राज्य शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में भी गोल्ड अपने नाम किया. भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ की ताजा रैंकिंग में मानिनी देश की नंबर-1 शूटर बनी हैं. एशियन गेम्स, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स और ISSF वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में उनका प्रदर्शन भारतीय शूटिंग के भविष्य को मजबूत करता है.
जयपुर के खिलाड़ी लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से देश और दुनिया में पहचान बना रहे हैं. इसी कड़ी में जयपुर की उभरती शूटिंग स्टार मानिनी कौशिक ने एक बार फिर गोल्डन निशाना साधा है. मानिनी ने हाल ही में भोपाल स्थित एमपी शूटिंग एकेडमी में आयोजित 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर राइफल 3पी टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. इस टीम में उनके साथ स्वीटी चौधरी और मोनिका जाखड़ शामिल रहीं. तीनों खिलाड़ियों ने 1741 का स्कोर कर मध्य प्रदेश और हरियाणा को पीछे छोड़ा. इसके अलावा मानिनी ने राज्य शूटिंग चैंपियनशिप 2025 में भी 50 मीटर राइफल 3पी स्पर्धा में गोल्ड जीतकर अपनी नंबर-1 शूटर की प्रतिष्ठा को मजबूत किया.

जयपुर की मानिनी कौशिक शूटिंग की हर बड़ी प्रतियोगिता में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं. अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर मानिनी इस समय 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट में देश की नंबर-1 शूटर बन चुकी हैं. हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ द्वारा जारी राष्ट्रीय रैंकिंग में उन्हें पहला स्थान हासिल हुआ है. आने वाले समय में मानिनी देश की शीर्ष शूटर के रूप में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. हाल ही में नेशनल चैंपियनशिप के साथ-साथ दूसरे और तीसरे सेलेक्शन ट्रायल में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया. इन ट्रायल्स में उनके सामने ओलंपियन और वर्ल्ड चैंपियन शूटर थीं, बावजूद इसके मानिनी ने दो नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

जयपुर की मानिनी कौशिक की शूटिंग यात्रा की शुरुआत भी बेहद रोचक रही है. वर्ष 2014 में उन्होंने पहली बार एयर गन से निशाना साधने की प्रैक्टिस शुरू की. उनकी रुचि और प्रतिभा को देखते हुए पिता ने उन्हें जयपुर की शूटिंग रेंज एकेडमी में प्रशिक्षण के लिए भेजा. कड़ी मेहनत का नतीजा यह रहा कि मानिनी ने भीलवाड़ा में आयोजित प्रतियोगिता में अपना पहला पदक जीता. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. मानिनी ने फुल टाइम प्रैक्टिस शुरू की और देश-विदेश में आयोजित कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते. निरंतर सफलता के चलते आज मानिनी 50 मीटर शूटिंग कैटेगरी में भारत की नंबर वन शूटर बन चुकी हैं.
Add as Preferred Source on Google

मानिनी कौशिक के पिता अनिल कौशिक न्यायिक अधिकारी हैं. अपने पिता से प्रेरणा लेकर मानिनी ने शूटिंग के साथ-साथ वकालत के पेशे को भी चुना है. फिलहाल वह सिक्किम गवर्नमेंट लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में बीएएलएलबी की पढ़ाई कर रही हैं. मानिनी की प्रारंभिक शिक्षा जयपुर से ही हुई है. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने शूटिंग का अभ्यास लगातार जारी रखा, जिसका नतीजा आज उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहचान है. मानिनी रोजाना कंधे पर करीब 4 किलो वजनी राइफल के साथ 6 से 7 घंटे तक अभ्यास करती हैं. शूटिंग के अलावा उन्हें भरतनाट्यम और तीरंदाजी में भी गहरी रुचि है.

मानिनी कौशिक ने शूटिंग की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अपने नाम किए हैं. उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता. इसके अलावा वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया. मानिनी ने 52वीं ISSF वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर राइफल जूनियर टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था. वह 16वीं एशियन चैंपियनशिप सहित कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और आगे भी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए खेलती नजर आएंगी.

2025 में पेरू में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप में मानिनी कौशिक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय शूटिंग का नाम रोशन किया. ओलिंपियन और वर्ल्ड चैंपियंस से सजी 50 शीर्ष अंतरराष्ट्रीय शूटर्स की मजबूत फील्ड में मानिनी ने 50 मीटर राइफल पोजीशन स्पर्धा में 589 का उत्कृष्ट स्कोर हासिल किया. इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत को प्रतियोगिता में तीसरा स्थान मिला. पूरे टूर्नामेंट में मानिनी भारतीय टीम की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी रहीं. चाहे पुरुष वर्ग हो या महिला वर्ग, भारतीय कंटिनजेंट में उनका प्रदर्शन सबसे आगे रहा, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी प्रतिभा और निरंतरता को एक बार फिर साबित किया.
First Published :
January 02, 2026, 10:33 IST
homesports
बंदूक उठाते ही गोल्ड पर साधती हैं निशाना, जयपुर की इस खिलाड़ी ने फिर जीता गोल्ड



