Rajasthan

श्मशान में स्थित हैं यह शिव मंदिर, रात को यहां होती है पूजा, महाशिवरात्रि पर उमड़ती भक्तों का जनसैलाब

Agency: Rajasthan

Last Updated:February 22, 2025, 08:46 IST

Mahashivratri 2025:मंदिर के मुख्य पुजारी और संरक्षक संतोष कुमार खटीक ने कहा कि महाशिवरात्रि नजदीक आ रही है तो इसको लेकर शिवरात्रि पर मंदिर में 12 अभिषेक और 12 महा आरती के साथ कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाय…और पढ़ेंX
शिवलिंग
शिवलिंग की पूजा करती महिला

महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आ गया है. महाशिवरात्रि को लेकर भीलवाड़ा के तमाम शिवालयों में शिव भक्तों की भी भीड़ जुटने लगी है. आज हम आपको भीलवाड़ा के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. जो अपने आप में बहुत खास है. भीलवाड़ा में एक अनोखा मंदिर है जो शमशान में स्थित है इस मंदिर का नाम गुप्तेश्वर महादेव है.

आस्था और श्रद्धा को लेकर भीलवाड़ा का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं के बीच एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है कहा जाता है कि जब इस शिवलिंग की स्थापना की गई थी. यह रात्रि के समय में गुप्त रूप से की गई थी. इसलिए इस मंदिर को गुप्तेश्वर महादेव कहा जाता है. इस मंदिर की विशेषता है कि यहां पर आधी रात के बीच पूजा अर्चना की जाती है.अन्य मंदिरों की तुलना में यह एक अनोखी परंपरा है. श्मशान में होने के बावजूद  यहां पर भक्तों के साथ महिलाएं भी दर्शन करने के लिए पहुंचती हैं. यह मंदिर भीलवाड़ा के लोगों के लिए एक पवित्र स्थल है, और यहां पर लोग अपनी श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करते हैं.

गुप्तेश्वर महादेव मंदिरभीलवाड़ा के पंचमुखी मोक्ष धाम में स्थित गुप्तेश्वर शिवालय के पुजारी रवि कुमार खटीक ने कहा कि श्मशान में स्थित यह मंदिर 10 साल पुराना है. इस शिवलिंग की स्थापना मध्य रात्रि के वक्त हुई थी. जिस समय श्मशान में इस शिवलिंग की स्थापना की जा रही थी. गुप्त रूप से शिवलिंग स्थापित किया गया था इसलिए इस शिवलिंग को गुप्तेश्वर महादेव कहा जाता है. यहां की एक खासियत यह भी है कि आम तौर पर शिवालय में सुबह शाम पूजा अर्चना की जाती है. वहीं इस गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में देर रात्रि को पूजा-अर्चना की जाती हैं शमशान में होने के बावजूद इस मंदिर में भक्तों की ऐसी अटूट आस्था है कि पुरुष तो क्या महिलाएं भी यहां पर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं.

महाशिवरात्रि पर होगी 12 अभिषेक 12 महाआरती –मंदिर के मुख्य पुजारी और संरक्षक संतोष कुमार खटीक ने कहा कि महाशिवरात्रि नजदीक आ रही है तो इसको लेकर शिवरात्रि पर मंदिर में 12 अभिषेक और 12 महा आरती के साथ कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जायँगे.

कालसर्प दोष होता है दूर – मंदिर पुजारी रवि कुमार का कहना है कि यहां पर पंचामृत अभिषेक किया जाता है. यहां महादेव के दर्शन करने और बेलपत्र चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती हैं. इसके साथ ही जिन लोगों के काल सर्पदोष होते हैं, भगवान के दर्शन करने से वह भी दूर हो जाते हैं. यहां पर सबसे बड़ी बात यह है कि श्मशान में होने के बावजूद भक्तों का यहां पर आना नहीं रूक रहा है. यही नहीं, भीलवाड़ा जिले के बाहर से भी व्यक्ति यहां पर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं.


Location :

Bhilwara,Rajasthan

First Published :

February 22, 2025, 08:46 IST

homedharm

श्मशान में स्थित हैं यह शिव मंदिर, रात को यहां होती है पूजा, जानें मान्यता

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj