Rajasthan

केवल बीकानेर में बनती है यह खास फ्लेक्सिबल ज्वैलरी, पहले रानियों की गले की थी शान, अब विदेशों में भी डिमांड

Last Updated:November 15, 2025, 12:15 IST

Bikaner Special Sutleda Jewellery: बीकानेर की खास सुतलेड़ा ज्वैलरी अब देश-विदेश में महिलाओं की पहली पसंद बन गई है. यह जड़ाऊ ज्वैलरी जैसी दिखने वाली फ्लेक्सिबल ज्वैलरी हाथों से बनाई जाती है और इसे किसी भी तरह मोड़ा जा सकता है. सुतलेड़ा बनाने के सिर्फ 70-80 कारीगर बीकानेर में ही हैं और इसे तैयार करने में लगभग 25 दिन और दस प्रोसेस लगते हैं. यह चांदी और सोने में भी तैयार होता है और इसकी मांग इतनी ज्यादा है कि कई बार कारीगर ऑर्डर पूरी नहीं कर पाते.

बीकानेर. आभूषण यानी ज्वैलरी तो हर महिला को काफी पसंद आती है और वे इसकी नई डिजाइन पहनना भी ज्यादा पसंद करती है. ऐसी ही एक ज्वैलरी की डिजाइन है जो पहले सिर्फ रानियां पहनती थी, लेकिन अब देश और विदेश की महिलाओं की पहली पसंद बन गई है. हम बात कर रहे है सूतलेड़ा ज्वैलरी की. जो एक जड़ाऊ ज्वैलरी जैसा ही है. यह सुतलेड़ा अन्य ज्वैलरी से काफी अलग है. इसकी खासियत है कि यह काफी फ्लेक्सिबल है और इसको किसी भी तरह मोड़कर पहन सकते हैं.

मजे की बात है कि यह सुतलेड़ा पूरी दुनिया में सिर्फ बीकानेर में ही बनता है. इसके कारीगर सिर्फ बीकानेर में ही है. कारीगरों की संख्या भी सीमित ही है. बीकानेर से ही देश-विदेश में यह आभूषण भेजा जाता है. इस सुतलेड़ा को अब देश की बड़ी बड़ी सेलिब्रिटी और विदेशी महिलाएं भी मंगवाकर पहनती है. इस सुतलेड़ा पर की गई मीनाकारी को देखकर हर कोई इस ज्वैलरी का दीवाना हो जाता है. इस ज्वैलरी पर एकदम बारीकी से काम किया जाता है.

मशीन नहीं हाथों से सतलुड़ा तैयार करते हैं कारगीर

द्वारका प्रसाद सोनी ने बताया कि सुतलड़ा सिर्फ बीकानेर में ही बनता है. इस पर जो मीनाकारी का कार्य होता है वह भी सिर्फ बीकानेर में ही होता है. इसके कारीगर बीकानेर में सिर्फ 70 से 80 ही बचे हैं. सुतलड़ा बनाने का काम बीकानेर के आस-पास कस्बों और शहर में ही होता है. राजा महाराजा के समय यही के कारीगरों ने यह सुतलड़ा बनाया था. यहां के कारीगरों के पास करीब छह माह के एडवांस ऑर्डर आए हुए है. वहीं अंजलि सोनी ने बताया कि यह फ्लेक्सिबल सुतलड़ा है, जो कभी राजघराने की रानियां पहनती थी. इसकी खासियत है कि यह सुतलड़ा मशीन से नहीं बल्कि हाथों से बनाया जाता है. इस पर बहुत बारीकी से काम किया जाता है. अगर मशीन का उपयोग होगा तो यह फ्लेक्सिबल नहीं रहेगा. यह चांदी और सोने में भी बनाए जाते हैं.

10 प्रोसेस से गुजरकर तैयार होता है सुतलेड़ा

सुतलेड़ा के कारीगर नवरत्न ने बताया कि इसको बनाने के लिए दस प्रोसेस हैं. इसको बनाने में 25 दिन का समय लगता है. पहले यह राजा-महाराजाओं की शान होती थी. यह राजा-महाराजाओं के समय से बन रहा है और आज भी यह बनाया जा रहा है. इन दिनों सूतलड़े की डिमांड काफी है. रोजाना इतनी डिमांड आती है कि इसकी पूर्ति भी नहीं कर पाते है. कई बार एक या दो पीस बनता है. इसे देश और विदेश में डिमांड के अनुसार इसकी सप्लाई की जाती है.

deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

Location :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

November 15, 2025, 12:15 IST

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केवल बीकानेर में बनती है यह खास फ्लेक्सिबल ज्वैलरी, विदेशों में भी है डिमांड

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