Rajasthan

मीठा पेठा रेसिपी: घर पर ऐसे बनाएं शुद्ध देसी पेठा | Homemade Meetha Petha Recipe

नागौर. जब भी देसी मिठाइयों की बात होती है, तो कुछ ऐसे स्वाद होते हैं जो तुरंत दिल जीत लेते हैं. उन्हीं में से एक है मीठा पेठा—एक ऐसी पारंपरिक मिठाई जो बनाना आसान, खाना लाजवाब और महक में एकदम देसी. खास बात यह कि घर पर बनने वाला पेठा न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों से कहीं अधिक शुद्ध भी होता है. नागौर के अनुभवी किसान महावीर जी इसका सबसे सरल तरीका बताते हैं, जिसे कोई भी घर पर आसानी से बना सकता है.

मीठा पेठा बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. बस थोड़ी-सी मैदा, घी और चीनी से यह स्वादिष्ट स्नैक तैयार हो जाता है. इसका कुरकुरापन और हल्की चाशनी इसे खास बनाती है. त्योहारों, मेहमानों या बच्चों के लिए यह परफेक्ट विकल्प है, जो जल्दी तैयार हो जाता है और काफी दिनों तक रखा जा सकता है.

आटा गूंथने की विधि

सबसे पहले एक बर्तन में मैदा लें और उसमें थोड़ा-सा घी मिलाएँ. यह घी पेठे को तलते समय फुलाने में मदद करता है, जिससे वह अंदर से खोखला और बाहर से कुरकुरा बनता है. अब इसमें पानी डालकर नरम और चिकना आटा गूंथ लें. आटा रोटी वाले आटे जैसा होना चाहिए, ताकि बेलने में आसानी रहे. इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर बिलकुल रोटी की तरह बेलें और लंबी या छोटी स्ट्रिप्स में काट लें.

तले जाने की प्रक्रिया

कढ़ाई में घी या तेल गरम करें. तेल जैसे ही मध्यम गर्म हो जाए, कटे हुए आटे के टुकड़े डालें. इन्हें धीमी आंच पर तब तक तलें जब तक ये फूलकर सुनहरे ना हो जाएँ. पेठे को फूलाने का यही सही तरीका है—धीमी आंच, समय और सही घी की मात्रा. धीमी आंच पर तलने से यह अंदर तक पकता है और कुरकुरापन लंबे समय तक बना रहता है.

हल्की चाशनी बनाकर भिगोएँ

एक अलग कढ़ाई में पानी लें और उसमें चीनी डालें. इसे तब तक पकाएँ जब तक हल्की सी चाशनी तैयार न हो जाए. चाशनी को चिपचिपा करने की जरूरत नहीं—बस इतनी कि पेठा अच्छे से लिपट जाए. तले हुए पेठों को चाशनी में डालें और कुछ मिनट अच्छे से मिलाते रहें. जैसे ही हर टुकड़ा चाशनी में भीग जाए और चाशनी गाढ़ी होने लगे, गैस बंद कर दें और पेठे को ठंडा होने दें.

घर के बने पेठे का स्वाद अलग क्यों?

घर पर बना पेठा बाजार की मिठाई से कहीं ज्यादा शुद्ध, हल्का और स्वादिष्ट होता है. इसमें कोई मिलावट नहीं होती और कम सामग्री में अधिक स्वाद मिलता है, क्योंकि इसे ताज़े घी में बनाया जाता है. यही वजह है कि नागौर सहित ग्रामीण इलाकों में यह मिठाई आज भी लोकप्रिय है और इसे बड़े चाव से खाया जाता है.

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