Rajasthan
जो कल सड़कों पर दर-दर भटकते थे, आज वही बच्चे पढ़ रहे लैपटॉप-टैबलेट से!

Barmer Hindi News: कभी घर-घर जाकर भोजन मांगने वाले घुमन्तु परिवारों के बच्चे अब शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं. सरकारी और सामाजिक संगठनों की पहल से इन बच्चों की पढ़ाई पर हर साल लगभग 18 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. यह प्रकल्प न सिर्फ उनकी जिंदगी बदल रहा है, बल्कि घुमन्तु समुदाय को सम्मानजनक भविष्य देने की दिशा में बड़ी पहल साबित हो रहा है.



