जयपुर की प्राकृत भारती अकादमी, फ्री में पढ़ाई, हजारों किताबें, बिना फीस की अनोखी लाइब्रेरी

Last Updated:May 07, 2025, 09:57 IST
Jaipur News: जयपुर के मालवीय नगर में स्थित प्राकृत भारती अकादमी जहां स्टूडेंट्स के लिए अनोखी लाइब्रेरी हैं. जहां पढ़ने के लिए न रजिस्ट्रेशन की जरूरत न आईडी कार्ड की आवश्यकता बस लाइब्रेरी में जाओ और पढ़ाई करों.X

जैन लाइब्रेरी में पढ़ाई करते हुए स्टूडेंट्स।
जयपुर में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लाखों स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. इनमें से अधिकांश स्टूडेंट्स लाइब्रेरीयों में बैठकर दिन रात पढ़ाई करते हैं. जयपुर में हजारों लाइब्रेरी संचालित हैं जहां 500 से लेकर 2 हजार रुपए तक फीस हैं. जयपुर में एक ऐसी अनोखी लाइब्रेरी भी जहां पढ़ने के लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं लगती है. जयपुर के मालवीय नगर में स्थित प्राकृत भारती अकादमी जहां स्टूडेंट्स के लिए अनोखी लाइब्रेरी हैं. जहां पढ़ने के लिए न रजिस्ट्रेशन की जरूरत न आईडी कार्ड की आवश्यकता बस लाइब्रेरी में जाओ और पढ़ाई करों.
यह अनोखी लाइब्रेरी सालों से स्टूडेंट्स के लिए फ्री में चल रही हैं. जहां हजारों स्टूडेंट्स पढ़कर बड़े बड़े पदों तक पहुंचे हैं. लोकल-18 ने लाइब्रेरी में पहुंच कर यहां के स्टॉफ और मैनेजमेंट से बात की तो डॉ. रीना बेद बताती हैं कि प्राकृत भारती अकादमी युवाओं की शिक्षा के लिए समर्पित हैं. इसलिए यहां स्टूडेंट्स को पढ़ने के लिए किसी प्रकार की कोई फीस नहीं देनी पढ़ती, बल्कि लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स के लिए लाखों किताबों का संग्रह हैं जिनमें प्राकृत, संस्कृत, अंग्रेजी, हिंदी,फारसी जैसी अन्य भाषाओं की किताबें स्टूडेंट्स के लिए फ्री में उपलब्ध हैं, यह एक ऐसी अनोखी लाइब्रेरी हैं जहां बच्चों को खुले और बंद दोनों वातावरण में पढ़ने का मौका मिलता हैं. ऐसी अनोखी लाइब्रेरी पूरे जयपुर में कही देखने को नहीं मिलेंगी.
लाइब्रेरी में हैं स्टूडेंट्स के लिए 1.65 लाख किताबेंआपको बता दें इस लाइब्रेरी की सबसे खास बात यह हैं कि यहां स्टूडेंट्स के लिए तीन मंजिला भवन हैं जिसमें चार अलग-अलग हॉल बने हैं साथ ही खुले वातावरण में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए गार्डन हैं जहां स्टूडेंट्स अपने हिसाब से बैठकर पढ़ सकते हैं. यहां एक साथ 1 हजार स्टूडेंट्स एक साथ बैठकर सुकून से पढ़ सकते हैं, लाइब्रेरी में किताबों का संग्रह सबसे भव्य हैं जहां स्टूडेंट्स अलग-अलग भाषाओं और विषयों की किताबें बिल्कुल फ्री में पढ़ सकते हैं. यह लाइब्रेरी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती हैं. लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स के लिए कुर्सी, मेज व बैंच, पीने के लिए पानी और शौचालय सहित रात में सोलर लाइट से पढ़ने जैसी तमाम सुविधाएं हैं, लाइब्रेरी में हजारों किताबों के संग्रह में खासतौर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर केंद्रित करीब 7 हजार पुस्तकें, गांधीजी की आवाज में भाषण, पोस्टर, पिक्चर आदि यहां उपलब्ध है. इसलिए यहां इस लाइब्रेरी में दूर-दूर से स्टूडेंट्स यहां पहुंचते हैं और सुकून के साथ पढ़ाई करते हैं. आपको बता दें लाइब्रेरी के बाहर और अंदर बिल्कुल अनुशासन के साथ स्टूडेंट्स आते हैं.
पद्म विभूषण डीआर मेहता ने रखी थी लाइब्रेरी की नीवजयपुर में स्थित यह एकमात्र अनोखी लाइब्रेरी हैं जहां तमाम सुविधाओं के साथ स्टूडेंट्स बिना फीस दिए पढ़ सकते हैं. इस लाइब्रेरी की शुरुआत पद्म विभूषण डीआर मेहता ने की थी, यह लाइब्रेरी जैन लाइब्रेरी के नाम से प्रसिद्ध हैं. जब से लाइब्रेरी की शुरुआत हुई हैं. यहां से सैकड़ों स्टूडेंट्स उच्च पदों पर हैं साथ ही IAS,IPS जैसे बड़े पदो तक नौकरियां हासिल की हैं. यहां पढ़ने के लिए इतना मटेरियल हैं जो बड़ी-बड़ी लाइब्रेरी में भी नहीं देखने को मिलता, लाइब्रेरी में 50 साल पुरानी करीब 5 हजार किताबों का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है. 524 दुर्लभ ग्रंथों व 62 चित्रकथाओं की अलग-अलग भाषाओं में किताबें हैं. हर साल प्राकृत भारती अकादमी द्वारा भी पुस्तकों का प्रकाशन करवाया जाता हैं हर साल 2 से ढाई लाख रुपए मूल्य की विभिन्न विषयों की किताबों को स्टूडेंट्स के लिए खरीदा जाता हैं, किताबों के अलावा लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स के लिए विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं भी यहां उपलब्ध है.
Location :
Jaipur,Rajasthan
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जयपुर की प्राकृत अकादमी,फ्री में पढ़ाई, हजारों किताबें, बिना फीस की लाइब्रेरी



