विदेशी तकनीक से हथियाई स्वदेसी नौकरी, कालेर गैंग ने बुना था जाल, रियल टाइम बताए उत्तर, एसओजी ने किया खुलासा

Last Updated:December 08, 2025, 14:25 IST
Rajasthan Paper Leak Case : एसओजी ने एक बार फिर बड़ा धमाका करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट लिपिक भर्ती परीक्षा में नकल कर सरकारी नौकरी हथियाने वाले चार बाबूओ को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों को कुख्यात पेपर लीक माफिया पौरव कालेर ने ब्लूटूथ के जरिये नकल करवाई थी. इसके लिए कालेर ने स्पेन से खास स्पाई कैमरा मंगवाया था.
चारों आरोपी धड़ल्ले से नौकरी कर रहे थे.
जयपुर. स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने पौरव कालेर गैंग की ओर से नकल कराए गए चार और ऐसे आरोपियों को पकड़ा है जिन्होंने ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कर परीक्षा पास की और सरकारी नौकरी हथिया ली. विदेशी कैमरे की मदद से नकल कर स्वदेसी सरकारी नौकरी हथियाने वाले ये चारों आरोपी धड़ल्ले से नौकरी कर रहे थे. इसके लिए पेपर लीक गैंग के सरगना ने कालेर ने स्पेन से 90 हजार रुपये की कीमत वाला Innova Chem Drop Box स्पाई कैमरा मंगवाया था. बाद में उसके जरिये पेपर को स्कैन कर सॉल्वर से उसे सॉल्व करवाया और आरोपियों को रियल टाइम नकल करवाई. इसकी एवज में उनसे लाखों रुपये लिए.
एसओजी के मुताबिक राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने 2023 में कनिष्ठ न्यायिक सहायक, लिपिक व सहायक लिपिक ग्रेड-2 परीक्षा आयोजित की थी. परीक्षा का आयोजन 12 और 19 मार्च 2023 को हुआ था. इस परीक्षा में नकल कर सरकारी नौकरी हथियाने वाले चार और आरोपियों को अलग-अलग जिलों से दबोचा गया है. इनमें दिनेश कुमार, मनोज कुमार, रमेश कुमार और मनीष बुड़िया शामिल है. इनके नाम पेपर लीक गिरोह के सरगना पौरव कालेर से पूछताछ में सामने आए थे. सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद इन चारों को गिरफ्तार किया गया है.
चारों वर्तमान में अलग-अलग जिलों में पदस्थापित थेये चारों अलग-अलग जिलों में धड़ल्ले से नौकरी कर रहे थे. इनमें दिनेश कुमार चूरू का रुखासर का रहने वाला है. इसका सेंटर चूरू जिला मुख्यालय पर आया था. यह अभी जिला एवं सत्र न्यायालय सलूंबर में कार्यरत है. मनोज कुमार सीकर जिले के श्यामपुरा का रहने वाला है. वह वर्तमान में राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी जोधपुर में कार्यरत है. तीसरा आरोपी रमेश कुमार चूरू के रेबारी का बास का रहने वाला है. वह चूरू के राजगढ़ में स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रम संख्या-2 में पदस्थापित है. इसका भी परीक्षा सेंटर चूरू आया था. चौथा आरोपी मनीष बुड़िया नागौर जिले के छापरी खुर्द का रहने वाला है. उसका परीक्षा केन्द्र अजमेर आया था. यह फिलहाल मारवाड़ जंक्शन कोर्ट में कार्यरत हैं.
तीन से पांच लाख रुपये में डील की गई थीइन चारों ने कुख्यात पेपर लीक माफिया पौरव कालेर से डील की थी. कालेर ने परीक्षा पास करवाने की एवज में इनसे लाखों रुपये में सौदा किया था. इनमें दिनेश से 3, मनोज से 4, रमेश से 5 और मनीष से 3 लाख रुपये में डील पक्की की थी. कालेर में इस परीक्षा में अपने दो गुर्गों को अभ्यर्थी बनाकर बिठाया था. उनके जरिये विदेशी स्पाई कैमरे से पेपर स्कैन करके मंगवाया. फिर उसे सॉल्वर के पास भेजा. सॉल्वर ने पेपर सॉल्व करवाने के बाद ब्लूटूथ के जरिये उनको रियल टाइम पेपर उत्तर बताए.
इस मामले में अब तक 21 गिरफ्तारियां कर चुकी हैउसकी बदौलत चारों ने परीक्षा पास की और सरकारी नौकरी पर कब्जा जमा लिया. परीक्षा के बाद जब पेपर लीक का मामला सामने आया तो एसओजी ने इसकी जांच की. जांच के बाद एसओजी कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सरगना पौरव कालेर तक पहुंची. कालेर से हुई पूछताछ के बाद नकलची अभ्यर्थियों के नाम सामने आने लगे और धड़ाधड़ गिरफ्तारियां होने लगी. एसओजी इस मामले में अब तक 21 गिरफ्तारियां कर चुकी है. अभी और भी गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा रहा है.
About the AuthorSandeep Rathore
संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 08, 2025, 14:25 IST
homerajasthan
विदेशी तकनीक से हथियाई स्वदेसी नौकरी, कालेर गैंग ने बुना था जाल, जानें सबकुछ



