कुछ घंटों पहले तक हंसी-मजाक, फिर चीखों में बदला सफर… चार दोस्तों की जलती स्कॉर्पियो बनी कब्र!

Last Updated:October 16, 2025, 22:46 IST
बालोतरा जिले के सिणधरी में स्कॉर्पियो में आग लगने से मोहनसिंह, शम्भूसिंह, पांचाराम और प्रकाश की मौत, दिलीप सिंह गंभीर घायल. हादसे से क्षेत्र में शोक का माहौल.
बाड़मेर. पश्चिम राजस्थान के बालोतरा जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है. हादसे से कुछ घंटे पहले ही दोस्तों में से एक ने अपने मोबाइल पर स्टेटस लगाया था, “हादसे गवाह हैं, जिंदगी का कोई भरोसा नहीं…” और कुछ देर बाद वही शब्द हकीकत बन गए. सरहदी जैसलमेर में हाल ही में हुए बस दुखांतिका से लोग अभी उभरे भी नहीं थे कि बालोतरा जिले के सिणधरी थाना क्षेत्र में सड़ा गांव के पास एक स्कॉर्पियो में आग लगने से चार दोस्तों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि चालक दिलीप सिंह गंभीर रूप से झुलस गया है जिसे जोधपुर रेफर किया गया है.
जिन दोस्तों की हंसी-मजाक और साथ में बीती शाम की यादें अभी ताजा थीं, वे कुछ ही घंटों में राख में बदल गईं. लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कुछ देर पहले जो जिंदगी का स्टेटस लगा रहे थे, वही अब हादसे का सबक बन गया है. हादसे में गुड़ामालानी के डाबड़ निवासी मोहनसिंह, शम्भूसिंह, पांचाराम और प्रकाश की जलने से मौत हो गई, जबकि दिलीप सिंह गंभीर रूप से झुलस गया है.
स्टेटस बना जिंदगी का आखिरी संदेशसबसे बड़ी बात यह है कि हादसे से कुछ समय पहले ही इन्हीं में से एक युवक ने अपने मोबाइल पर स्टेटस लगाया था “हादसे गवाह हैं, जिंदगी का कोई भरोसा नहीं…”. स्टेटस लगाने के कुछ ही देर बाद यह स्टेटस जैसे हकीकत में बदल गया और चार जिंदगियां देखते ही देखते आग की लपटों में खत्म हो गईं. इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है और लोग अब भी घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं.
चारों दोस्त थे मेहनती और संघर्षशील
मोहनसिंह ड्राइविंग स्कूल में नौकरी करता था जबकि प्रकाश ई-मित्र संचालक और डाक पार्सल का काम करता था. पांचाराम दिल्ली में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाते थे और दीपावली मनाने गांव आए हुए थे. शम्भूसिंह बीए फाइनल ईयर का छात्र था. हादसा तब हुआ जब ये सभी दोस्त सिणधरी से डाबड़ लौट रहे थे. वहीं घायल दिलीप सिंह गुड़ामालानी में कपड़ों की दुकान चलाता है और वर्ष 2022 में लवकुश कॉलेज का अध्यक्ष रह चुका है.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
October 16, 2025, 22:46 IST
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कुछ देर मस्ती, फिर चीखों में बदला सफर…4 दोस्तों की जलती स्कॉर्पियो बनी कब्र!



