नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द

Last Updated:December 31, 2025, 09:03 IST
Jaipur News: 9 साल की अमायरा मीणा जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल की चौथी कक्षा की छात्रा और अपने माता-पिता की इकलौती लाड़ली संतान थी. वह न केवल पढ़ाई में अव्वल थी बल्कि स्कूल की ‘ऑल राउंडर बेस्ट स्टूडेंट’ भी थी. लेकिन इस चमकती मुस्कान के पीछे बुलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गहरा दर्द छिपा था. स्कूल के कुछ छात्र उसे लगातार चिढ़ाते और प्रताड़ित करते थे. इस गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण CBSE ने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है. यह मासूम अमायरा के इंसाफ की एक बड़ी जीत है.
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नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित नीरजा मोदी स्कूल की कक्षा चार की छात्रा अमायरा की मौत ने पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया है. बुलिंग और स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता से परेशान इस 9 वर्षीय मासूम ने हताश होकर स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी. इस हृदयविदारक घटना पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. बोर्ड ने नीरजा मोदी स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्तर तक की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है और आगामी शैक्षणिक सत्र (2026-27) से किसी भी नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
अमायरा अपने माता-पिता की इकलौती संतान और एक अत्यंत होनहार छात्रा थी. उसे स्कूल की ओर से ‘ऑल राउंडर बेस्ट स्टूडेंट’ का अवार्ड भी मिल चुका था. लेकिन उसकी प्रतिभा पर सहपाठियों द्वारा किए जा रहे मानसिक उत्पीड़न का साया भारी पड़ गया. 1 नवंबर की सुबह अमायरा भारी मन से स्कूल गई थी. वह अपनी क्लास टीचर से कुछ कहना चाहती थी. जांच में सामने आया कि वह दो-तीन बार अपनी पीड़ा बताने टीचर के पास गई. लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया. दोपहर करीब एक बजे बेबस अमायरा क्लास से निकली. सीढ़ियां चढ़कर चौथी मंजिल पर पहुंची और रैलिंग से नीचे कूद गई. इस हादसे में उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
सुरक्षा और नैतिकता की अनदेखीराज्य सरकार की कमेटी और पुलिस जांच में स्कूल की गंभीर लापरवाही सामने आई है. स्कूल की ऊपरी मंजिलों पर सीसीटीवी निगरानी का अभाव था और वहां न तो सुरक्षा ग्रिल थी और न ही कोई सुरक्षा नेट लगाया गया था. इसके अलावा स्कूल का काउंसलिंग सिस्टम पूरी तरह विफल पाया गया. सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि अमायरा के गिरने के तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन ने उस जगह को पानी से धुलवा दिया ताकि खून के धब्बे साफ हो सकें. सीबीएसई ने इसे कानूनी जांच के अहम सबूतों को मिटाने की गंभीर कोशिश माना है.
अभिभावकों को दी गई गलत जानकारीअमायरा के पिता विजय मीणा ने आरोप लगाया कि स्कूल ने उन्हें सच नहीं बताया. उन्हें केवल यह कहा गया कि बच्ची को मामूली चोट लगी है और अस्पताल बुला लिया गया. वहां पहुंचने पर उन्हें बेटी की मौत की खबर मिली. स्कूल प्रबंधन का यह अड़ियल और संवेदनहीन रवैया ही सीबीएसई की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य आधार बना.
छात्रों के भविष्य पर क्या होगा असर?सीबीएसई ने मौजूदा सत्र 2025-26 के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ प्रावधान किए हैं:
10वीं और 12वीं के छात्र: इस सत्र की बोर्ड परीक्षाएं इसी स्कूल से दे सकेंगे.
9वीं और 11वीं के छात्र: इन छात्रों को 31 मार्च 2026 तक नजदीकी सीबीएसई स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा.
नया सत्र: अगले सत्र से स्कूल में किसी भी नए छात्र का दाखिला नहीं होगा. इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी सीबीएसई के रीजनल ऑफिसर को सौंपी गई है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
December 31, 2025, 09:03 IST
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कौन थी मासूम अमायरा? जिसकी मौत ने छीन ली जयपुर के नामी स्कूल की मान्यता, ऐसी..



