Tips And Tricks: भुल जाएंगे सीताफल खाकर छिलका फेंकना….फेस स्क्रब बनाने से लेकर घर की सजावट तक के लिए है उपयोगी

Last Updated:October 27, 2025, 20:38 IST
Tips And Tricks: सीताफल खाने के बाद बचे हुए इसके छिलके और बीज भी बेहद काम की चीज हैं अक्सर लोग इन्हें कचरे में फेंक देते हैं, जबकि इनमें कई गुण छिपे हैं. सीताफल के छिलकों को धूप में सुखाकर बारीक पीस लें, इस पाउडर में थोड़ा गुलाबजल या एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें. इससे चेहरे की डेड स्किन हट जाती है और स्किन में नई चमक आ जाती है. 
सीताफल यानी कि सभी फलों में सबसे स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है, इसकी मीठी और क्रीमी बनावट हर किसी को पसंद आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीताफल खाने के बाद बचे हुए इसके छिलके और बीज भी बेहद काम के चीज़ हैं? अक्सर लोग इन्हें कचरे में फेंक देते हैं, जबकि इनमें ऐसे गुण छिपे हैं. सीताफल के छिलकों को धूप में सुखाकर बारीक पीस लें. इस पाउडर में थोड़ा गुलाबजल या एलोवेरा जेल मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें. इससे चेहरे की डेड स्किन हट जाती है और त्वचा में नई चमक आ जाती है. यह स्क्रब नेचुरल रूप से त्वचा को क्लीन करता है और किसी भी तरह का केमिकल असर नहीं छोड़ता. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो इसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाने से बेहतरीन परिणाम मिलते हैं.

सीताफल के बीजों में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो सिर की जूं और डैंड्रफ को खत्म करने में मदद करते हैं. इसके लिए बीजों को पीसकर नारियल तेल या सरसों के तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें. इस तेल को बालों की जड़ों में 15–20 मिनट तक मालिश करें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें. नियमित रूप से ऐसा करने से सिर की खुजली, जूं और डैंड्रफ जैसी समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाती हैं.

अगर आप गार्डनिंग के शौकीन हैं तो सीताफल के छिलकों को बेकार समझने की गलती न करें. इन्हें सुखाकर मिट्टी में मिलाएं या कंपोस्ट पिट में डाल दें. छिलकों में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व पौधों की मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और पत्तियों को हरा-भरा बनाते हैं. इसे घरेलू जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि यह सस्ता, आसान और पर्यावरण के अनुकूल तरीका है.

छिलके का पाउडर लेकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं 10 मिनट बाद धो लें। यह मिश्रण त्वचा के दाग-धब्बों, मुंहासों के निशानों और टैनिंग को कम करने में मदद करता है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण स्किन टोन को निखारते हैं और चेहरा प्राकृतिक रूप से चमकदार बनाते हैं. नियमित उपयोग से आपको पार्लर जैसी ग्लोइंग स्किन घर पर ही मिल सकती है.

सीताफल के बीजों में पाए जाने वाले अल्कलॉइड्स मच्छरों, कीटों और चींटियों को दूर रखने में मदद करते हैं. बीजों को पीसकर पानी में उबालें और इस मिश्रण को ठंडा होने के बाद घर के कोनों या पौधों के आसपास छिड़काव के रूप में करें. यह प्राकृतिक कीटनाशक किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता और रासायनिक स्प्रे की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित है.

सीताफल के सूखे छिलकों में हल्की मीठी और प्राकृतिक खुशबू होती है, इन्हें कपड़े की छोटी थैली में डालकर फ्रिज, जूते की अलमारी या किचन के कोनों में रखें. ये नेचुरल डियोडोराइजर की तरह काम करते हैं और जगह को ताजगी से भर देते हैं. अगर चाहें तो इनमें कुछ बूंदें लैवेंडर ऑयल डालकर इसकी खुशबू को और भी मनमोहक बना सकते हैं.

सीताफल के सूखे छिलकों को अलग-अलग शेप में काटकर या रंगकर सजावट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हें ड्राई फ्लावर बाउल, कैंडल होल्डर या दीवार की सजावट में शामिल करें. कई लोग इन्हें पेंट करके होम डेकोरेशन आइटम बनाते हैं, जो देखने में आकर्षक और नेचुरल टच देते हैं. सीताफल सिर्फ एक स्वादिष्ट फल ही नहीं बल्कि एक ऐसा “मल्टी-यूज़ नेचुरल प्रोडक्ट” है, जिसके हर हिस्से का इस्तेमाल किया जा सकता है.
First Published :
October 27, 2025, 20:38 IST
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जानिए त्वचा बाल और गार्डनिंग के लिए सीताफल के छिलके और बीज के फायदे



