फसलों को पाले से बचाने के उपाय | Tips to Protect Crops from Frost and Cold Wave

Last Updated:January 11, 2026, 12:24 IST
Tips to Protect Crops from Frost and Cold Wave: बीकानेर में गिरते तापमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई करने और 0.2% गंधक के घोल का छिड़काव करने की सलाह दी है. सरसों. चना और सब्जियों को पाले से बचाने के लिए थायोयूरिया का उपयोग भी प्रभावी है. छोटे फलदार पौधों को घासफूस से ढककर सुरक्षा देने को कहा गया है ताकि कोशिकाओं को फटने से बचाया जा सके.
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फसलों को पाले से बचाने के उपाय
Tips to Protect Crops from Frost and Cold Wave: संयुक्त निदेशक कृषि मदनलाल ने किसानों को सचेत करते हुए बताया कि पाला पड़ने की स्थिति को पहचानना बहुत जरूरी है. सर्दी के मौसम में जिस दिन दोपहर के पहले तेज ठंडी हवा चल रही हो और तापमान काफी कम होने लग जाए. फिर दोपहर के बाद अचानक हवा चलना बंद हो जाए. तो ऐसी रात में पाला पड़ने की संभावना सबसे अधिक होती है. पाले के कारण पौधों की कोशिकाओं में मौजूद पानी जम जाता है. जिससे उनकी कोशिका भित्ति फट जाती है. इसका सीधा परिणाम यह होता है कि पौधे की पत्तियां. कोंपले. फूल और फल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और फसल सूखने लगती है.
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि पाले से सुरक्षा के लिए रासायनिक छिड़काव अत्यंत प्रभावी होता है. जैसे ही पाला पड़ने की संभावना दिखे. किसानों को घुलनशील गंधक (0.2 प्रतिशत) यानी 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल का छिड़काव करना चाहिए. यदि पाले का प्रकोप लगातार बना रहे. तो 15 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव किया जा सकता है. इसके अलावा रबी फसलों में थायोयूरिया (500 पीपीएम) यानी आधा ग्राम प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए. सरसों. गेहूं. चना. आलू और मटर जैसी फसलों के लिए गंधक का छिड़काव सुरक्षा कवच का काम करता है.
गंधक के छिड़काव के बहुआयामी लाभ
गंधक का छिड़काव न केवल पाले से फसलों को बचाता है. बल्कि इसके अन्य कई फायदे भी हैं. यह पौधों में लौह तत्व की जैविक और रासायनिक सक्रियता को बढ़ाता है. जिससे पौधों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है. साथ ही गंधक का प्रयोग फसल को समय से थोड़ा जल्दी पकाने में भी सहायक होता है. जिससे किसानों को बाजार में अपनी उपज जल्दी ले जाने का अवसर मिलता है.
सिंचाई और भौतिक सुरक्षा के तरीके
पाले से बचाव का सबसे सरल और सस्ता तरीका है हल्की सिंचाई. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार. जिस रात पाला पड़ने की संभावना हो. खेतों में हल्की सिंचाई जरूर करें. नमीयुक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी बनी रहती है और भूमि का तापमान एकदम से नहीं गिरता. इससे तापमान शून्य डिग्री से नीचे नहीं जा पाता और फसलें सुरक्षित रहती हैं. इसके अलावा नवस्थापित फलदार बगीचों के छोटे पौधों को शीतलहर से बचाने के लिए उन्हें टाट. बोरी या घासफूस से ढककर ‘टाटी’ बनानी चाहिए. यह उपाय छोटे और नाजुक पौधों को ठंड से मरने से बचाता है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Bikaner,Bikaner,Rajasthan
First Published :
January 11, 2026, 12:16 IST
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फसलों पर पाले की मार: कृषि विभाग ने जारी की एडवाईजरी, किसान अपनाएं ये तरीके



