जेल में ही रहेंगी रन्या राव, सुप्रीम कोर्ट ने COFEPOSA के तहत कार्रवाई को बताया सही, 9 महीने पहले हुई थीं अरेस्ट

Last Updated:December 20, 2025, 18:39 IST
Ranya Rao Gold Smuggling Case: सुप्रीम कोर्ट ने गोल्ड स्मगलिंग मामले में अभिनेत्री रन्या राव के खिलाफ COFEPOSA के आरोपों को बरकरार रखा है और उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है.
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रान्या राव की जमानत याचिका खारिज हुई. (फाइल फोटो)
मुंबई. कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव को गोल्ड स्मगलिंग केस में बड़ा कानूनी झटका लगा है, जिससे अब उन्हें और लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा. रन्या को 3 मार्च 2025 से बेंगलुरु के परप्पना अग्रहरा जेल में रखा गया है. उन्हें कस्टम अधिकारियों ने केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था. रन्या कथित तौर पर अपने कपड़ो में 14 किलो सोना छुपाकर ले जा रही थीं. कस्टम अधिकारियों ने सोना बरामद करने के बाद रन्या पर एक गोल्ज स्मलिंग नेटवर्क से जुड़े होने की जांच शुरू की.
इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने रन्या राव के खिलाफ COFEPOSA एक्ट (विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम) के तहत कार्रवाई को सही ठहराया. इससे साफ है कि उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी. यह सख्त कानून तस्करी और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में रोकथाम के लिए हिरासत की अनुमति देता है और इसका इस्तेमाल इस केस को और गंभीर बना देता है.
रन्या राव की गिरफ्तारी के बाद जांचकर्ताओं ने उनके कथित साथी तरुण कोंडूरु राजू और साहिल जैन को भी गिरफ्तार किया. ये दोनों गोल्ड तस्करी ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाते थे. इन गिरफ्तारियों से अभियोजन पक्ष का केस और मजबूत हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि ये तीनों एक संगठित गिरोह का हिस्सा थे.
परिवारों ने हिरासत को चुनौती दी, कोर्ट ने याचिका खारिज की
निचली अदालतों द्वारा कई बार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद, तीनों आरोपियों की मांओं ने केंद्र सरकार द्वारा COFEPOSA एक्ट लागू करने के फैसले को चुनौती दी. रन्या की मां रोहिणी राव, तरुण की मां रमा राजू और साहिल की मां प्रियंका सरकारिया ने याचिकाएं दायर कर रोकथाम हिरासत को अवैध घोषित करने और अपने बच्चों के खिलाफ केस को खारिज करने की मांग की. हालांकि, कोर्ट इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ.
सुप्रीम कोर्ट ने जांच जारी रखने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया और केंद्र सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. बेंच ने सभी जांच एजेंसियों को बिना किसी बाधा के जांच जारी रखने का निर्देश दिया, जिससे आरोपों की गंभीरता और बढ़ गई. अब जब COFEPOSA के तहत कार्रवाई पक्की हो गई है और फिलहाल कोई कानूनी राहत नहीं दिख रही है. जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक रन्या राव को जेल में रहना पड़ेगा.
About the AuthorRamesh Kumar
रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें
Location :
Mumbai,Maharashtra
First Published :
December 20, 2025, 18:39 IST
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जेल में ही रहेंगी रन्या, सुप्रीम कोर्ट ने COFEPOSA के तहत एक्शन को बताया सही



