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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने किया कमाल, एक नवाचार से बचा लिए करोड़ों रुपये, जानें कौनसी ‘जादुई छड़ी’ घुमाई?

Last Updated:November 27, 2025, 14:57 IST

Ajmer News : राजस्थान लोक सेवा आयोग ने बड़ा नवाचार करते हुए एक ही झटके में करोड़ों रुपये बचा लिए. आरपीएससी ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में योग्यता नहीं रखने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन विड्रा करने का मौका दिया. इससे अलर्ट हुए अयोग्य अभ्यर्थियों ने अपने आवदेन विड्रा कर लिए. इससे आरपीएससी का उनकी परीक्षा पर होने वाला करोड़ों रुपये का खर्च बच गया. राजस्थान लोक सेवा आयोग ने किया कमाल, एक नवाचार से बचा लिए करोड़ों रुपयेआरपीएससी के नए अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने बीते जून माह में ही पद संभाला है.

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से अपनाया गया नवाचार उसके लिए बेहद लक्की साबित हुआ है. आयोग की ओर से शुरू की गई ‘आवेदन विड्रा’ की पहल ने कमाल करते हुए उसके करोड़ों रुपये बचा दिए. आयोग का यह दूरदर्शी निर्णय न केवल सरकार की बचत का कारण बना है बल्कि इसने भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी ला दी है. इस नवाचार में वांछित योग्यता नहीं होने पर भी आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपना आवेदन वापस लेने का अवसर देना शुरू किया गया है. इस सकारात्मक पहल के कारण केवल गंभीर और योग्य उम्मीदवार ही प्रतिस्पर्धा में बने रहे. इससे परीक्षा आयोजन पर होने वाला आयोग का अनावश्यक खर्च बच गया.

आरपीएससी के नए अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने इस पहल को समयबद्ध भर्ती तंत्र बनाने की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है. उनका कहना है कि अनावश्यक आवेदनों के बोझ से मुक्ति मिलने के कारण आयोग अब बचे हुए योग्य उम्मीदवारों की स्क्रूटनी और अंतिम चयन प्रक्रिया को ज्यादा तेजी से पूरा करने में सक्षम हो पाया है. आरपीएससी का यह कदम एक पारदर्शी, कुशल और समयबद्ध भर्ती तंत्र की स्थापना की दिशा में मील का पत्थर साबित हुआ है. इसे अब अन्य भर्ती संस्थाओं की ओर से भी अपनाया जा रहा है.

ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी जाएगीइस प्रक्रिया में अब जिन अभ्यर्थियों की ओर से आवश्यक योग्यता नहीं होने पर भी अगर आवेदन वापस नहीं लिया गया है तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. पूर्व में भी आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर (संस्कृत कॉलेज शिक्षा विभाग) भर्ती-2024 तहत योग्यता नहीं होते हुए भी आवेदन करने एवं इस संबंध में चेतावनी और अवसर देने के बावजूद आवेदन विड्रा नहीं करने वाले 14 आवेदकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत सक्षम न्यायालय में परिवाद पेश किया गया था.

केवल वित्तीय बचत ही नहीं दूसरे भी कई फायदे होते हैंआयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि यह नवाचार केवल वित्तीय बचत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक लाभ भी महत्वपूर्ण हैं. लाखों की संख्या में अवांछित आवेदनों को प्रारंभिक चरण में ही बाहर कर देने से, प्रश्न-पत्र छपाई, परीक्षा केंद्र प्रबंधन, परीक्षा सत्र निर्धारण और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर होने वाले करोड़ों रुपये के सार्वजनिक व्यय की भारी बचत हुई है.

आयोग की अपील- केवल योग्य ही आवेदन करेंआयोग ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से अपील की है. आयोग का कहना है कि निशुल्क होने से कई अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता की जांच किए बिना भर्ती के लिए आवेदन कर देते हैं. इससे बेवजह सार्वजनिक धन, समय एवं श्रम संसाधन खर्च होते हैं. इसलिए अभ्यर्थी भर्ती विज्ञापन को अच्छी तरह से देखें. उसके बाद विज्ञापन में दी गई न्यूनतम वांछित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले और परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थी ही आवेदन करें ताकि परीक्षाओं का आयोजन तेजी से तथा समयबद्ध रूप से हो सके.

विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में इतने अभ्यर्थियों ने आवेदन विड्रा किए हैं

सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) भर्ती 2024: 46223डिप्टी जेलर भर्ती 2024: 16635असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) भर्ती 2023: 11355डिप्टी कमांडेंट भर्ती – 2025: 6094स्कूल लेक्चरर (स्कूल शिक्षा) भर्ती 2024: 4491पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड द्वितीय (स्कूल शिक्षा) 2024: 3422सहायक मतस्य विकास अधिकारी भर्ती 2024: 3209उप निरीक्षक (टेलीकॉम) 2024: 3027एक्सप्लोरेशन एंड एक्सेवेशन ऑफिसर एवं क्यूरेटर भर्ती 2023: 2303

आने वाले समय में इसका काफी फायदा मिलेगाये तो महज कुछ उदाहरण है. ऐसी ही दर्जनों परीक्षाओं में हजारों की तादाद में अयोग्य अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन विड्रा कर लिए. इस प्रक्रिया से आरपीएससी को काफी राहत मिली है. इससे उसकी अनावश्यक होने वाले मशक्कत कम हो गई. आयोग को उम्मीद है कि आने वाले समय में इसका काफी फायदा मिलेगा.

Sandeep Rathore

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर…और पढ़ें

संदीप राठौड़ ने वर्ष 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की जयपुर से शुरुआत की. बाद में कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर की जिम्मेदारी निभाई. 2017 से के साथ नए सफर की शुरुआत की. वर… और पढ़ें

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First Published :

November 27, 2025, 14:57 IST

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राजस्थान लोक सेवा आयोग ने किया कमाल, एक नवाचार से बचा लिए करोड़ों रुपये

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