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Tulsi Shaligram Vivah | Dosha Mukti Traditions | Vedic Wedding Customs | Indian Marriage Culture | Tulsi Shaligram Puja Benefits

Last Updated:November 25, 2025, 12:22 IST

Tulsi Shaligram Puja Ke Fayde: शाही और भव्य शादियों के बीच एक दूल्हा–दुल्हन ने अनोखी मिसाल पेश की. दोनों ने तुलसी–शालिग्राम के समक्ष परंपरागत तरीके से विवाह कर सांस्कृतिक मूल्यों को सम्मान दिया. मान्यता है कि इस विधि से वैवाहिक जीवन में शांति, समृद्धि और ‘दोषों से मुक्ति’ मिलती है. यह आयोजन लोगों में भारतीय संस्कृति की सरलता और पवित्रता की याद दिलाता है.

पाली. पढे लिखे इस आधुनिक युग में शाही शादियां,बैंड बाजे,दुल्हन की एंट्री और डांस इत्यादि के साथ होने वाले विवाह समारोह के बीच एक ऐसा अनोखा विवाह पाली जिले में देखने को मिला जहां पर बडे ही साधारण तरीके से पुरानी परंपराओं को जिंदा रखते हुए पढ़े लिखे दुल्हा-दुल्हन ने तुलसी-शालिग्राम के सामने फेरे लिए. इस विवाह समारोह का उद्देश्य पुरानी परपंराओं को जिंदा रखने के साथ ही शादियों में होने वाले फिजूलखर्ची रोकने का अहम संदेश दिया गया.

इस विवाह समारोह में केवल 30 लोग ही शामिल हुए जिसमें वर-वधु ने तुलसी व शालिग्राम को साक्षी मानकर जीवन भर साथ रहने का वचन लेते हुए फेरे लिए. इस तरह के विवाह समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल होता दिखा जिसमें हर कोई इन दुल्हा दुल्हन की सराहना करता नजर आया.

महज 30 लोगो के बीच हुआ विवाह समारोह सादड़ी में एक अनोखी शादी संपन्न हुई, जिसमें दूल्हा-दुल्हन ने फिजूलखर्ची से बचने का संदेश दिया. इस विवाह में केवल 30 लोग शामिल हुए और वर-वधू ने तुलसी व शालिग्राम को साक्षी मानकर फेरे लिए. इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सादगी और बचत को बढ़ावा देना था. ये विवाह मुंडारा निवासी बाबूलाल जणवा चौधरी के पुत्र भरत जो फार्मासिस्ट है और भादरास निवासी दशरथ दास उर्फ दलपत जणवा चौधरी की पुत्री नीतू (Msc. उदयपुर) के बीच हुआ.

ऐसे विवाह से हर दोष से मिलती है मुक्ति शादी में उपस्थित संत कृपाचार्य ने कहा कि शालिग्राम और तुलसी के समक्ष फेरे लेने से मान्यता है कि विवाह के दौरान होने वाले किसी भी दोष से मुक्ति मिलती है. वर-वधू ने इसी परंपरा का पालन करते हुए अपने नए जीवन की शुरुआत की.

फिजूलखर्ची से कर्ज में डूब जाते है कई परिवार महंत दशरथ दास उर्फ दलपत महाराज ने बताया कि इस विवाह के माध्यम से फिजूलखर्ची रोकने का प्रयास किया गया है. ऐसे विवाह गरीब परिवारों को भी राहत देते हैं, जबकि बड़े आयोजनों पर अत्यधिक खर्च करने से कई परिवार कर्ज में डूब जाते हैं. ये जणवा समाज में एक महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास है. महंत दशरथ दास ने आगे कहा कि आजकल दिखावे के चक्कर में कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की सादगीपूर्ण शादियां आमजन को फिजूलखर्ची से राहत दिलाएंगी साथ ही समाज में एक अच्छा संदेश भी जाता है.

Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें

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First Published :

November 25, 2025, 12:22 IST

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शाही शादियों को दी मात! दूल्हा-दुल्हन ने तुलसी-शालिग्राम के सामने रचाई शादी

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