ulcer diet plan। अल्सर के मरीजों के लिए सही डाइट और खानपान के जरूरी टिप्स.

Last Updated:January 05, 2026, 23:00 IST
अल्सर की समस्या में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं होता. पेट में बने घाव को भरने के लिए सही खानपान और दिनचर्या का पालन करना उतना ही जरूरी है. अगर डाइट में जरा सी भी लापरवाही हो जाए, तो दर्द, जलन और एसिडिटी की परेशानी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं सही डाइट प्लान…
अल्सर पेट की अंदरूनी परत में बनने वाला एक घाव होता है. यह अक्सर गलत खानपान, जरूरत से ज्यादा एसिड बनने, मानसिक तनाव और लंबे समय तक बिगड़ी लाइफस्टाइल के कारण होता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना काफी नहीं होता. अगर खानपान में सुधार न किया जाए, तो दवाएं भी पूरा असर नहीं दिखा पातीं. इसलिए अल्सर के इलाज में दवा के साथ सही डाइट का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है.

जब पेट में घाव होता है, तो गलत और मसालेदार भोजन एसिड को और बढ़ा देता है. ज्यादा एसिड बनने से घाव में जलन होती है और उसे भरने में अधिक समय लगता है. इसके उलट हल्का, सादा और समय पर लिया गया भोजन पेट को आराम देता है और घाव जल्दी भरने में मदद करता है. यही वजह है कि अल्सर के मरीज को पूरे दिन के खानपान पर खास ध्यान देना चाहिए.

सुबह उठते ही खाली पेट बहुत तीखा या भारी भोजन नहीं करना चाहिए. हल्का गुनगुना पानी पीना सबसे बेहतर माना जाता है. अगर शरीर को सूट करे, तो थोड़ी मात्रा में नारियल पानी भी लिया जा सकता है. खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत अल्सर के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए इससे बचना चाहिए.
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नाश्ते में दलिया एक सुरक्षित और हेल्दी विकल्प है. इसके अलावा ओट्स या पतली खिचड़ी भी ली जा सकती है. सादा ब्रेड के साथ थोड़ा सा घी ठीक रहता है, लेकिन मसालेदार पराठे या तला-भुना नाश्ता नहीं करना चाहिए. फलों का चयन भी समझदारी से करना जरूरी है. पका केला अल्सर में लाभकारी माना जाता है और पपीता पेट को ठंडक देता है. सेब को छीलकर खाना बेहतर रहता है. संतरा, नींबू, अनानास और कच्चे आम जैसे खट्टे फल एसिड बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाना सही रहता है.

दोपहर के भोजन में सादा चावल या रोटी लें. मूंग दाल या अरहर दाल हल्की और आसानी से पचने वाली होती है. लौकी, तोरी और टिंडे जैसी सब्जियां पेट के लिए अच्छी मानी जाती हैं. इस समय बहुत भारी भोजन, तली हुई चीजें, अचार और ज्यादा मसालेदार सब्जियों से बचना चाहिए. जरूरत से ज्यादा पेट भरकर खाना भी नुकसान पहुंचा सकता है.

शाम के समय हल्की भूख लगे तो भुना चना या मुरमुरा लिया जा सकता है. हर्बल चाय पी जा सकती है, लेकिन बिस्किट और नमकीन से बचना बेहतर होता है. दिन में बार-बार चाय पीना नुकसानदेह हो सकता है और कॉफी तो अल्सर में बिल्कुल भी ठीक नहीं मानी जाती.

रात का खाना हमेशा हल्का रखना चाहिए. खिचड़ी या साधारण सब्जी-रोटी पर्याप्त होती है. सोने से कम से कम 2–3 घंटे पहले भोजन कर लेना सही रहता है. बहुत भारी और तेल-मसाले वाला खाना, देर रात दूध पीना और खाने के तुरंत बाद लेट जाना अल्सर के मरीजों के लिए बड़ी गलती मानी जाती है.
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January 05, 2026, 22:59 IST
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अल्सर मरीजों के लिए सही डाइट पालन, पेट के घाव को जल्दी भरेगा, जान लें आप भी



