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भयंकर अकाल में रोजगार देने के लिए बनाया गया था करोड़ों रुपये का उम्मेद भवन महल, आज दुनियाभर में है पहचान

Last Updated:November 24, 2025, 14:21 IST

उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर : जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस महज एक शाही ठाठ का प्रतीक नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और उम्मीद का जीवंत इतिहास है. 1920 के दशक के भीषण अकाल में महाराजा उम्मेद सिंह ने राहत बांटने के बजाय हजारों लोगों को काम देकर इस भव्य महल के निर्माण की शुरुआत की. 15 साल में बना यह पैलेस आज भारत का सबसे नया और ऐतिहासिक शाही महल माना जाता है.

जोधपुर : जोधपुर की चित्तर पहाड़ी पर स्थित भव्य उम्मेद भवन पैलेस किसी राजा की विलासिता का परिणाम नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से उपजा एक ऐतिहासिक निर्माण है. 1920 के दशक में जब मारवाड़ भयंकर सूखे और अकाल से जूझ रहा था, तब लोग दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे थे. ऐसी परिस्थिति में जनता की आवाज थी  हमें दान नहीं, काम चाहिए. इस पीड़ा को समझते हुए महाराजा उम्मेद सिंह ने राहत सामग्री बांटने के बजाय रोजगार सृजन का मार्ग चुना. इसी सोच से 1929 में उम्मेद भवन पैलेस का निर्माण प्रारंभ हुआ.

मारवाड़ में पड़े इस अकाल के हालात इतने भयावह थे कि लोग पेड़ों की छाल को पीसकर रोटी तक बनाने को मजबूर हो गए. ऐसे कठिन दौर में महाराजा उम्मेद सिंह ने हजारों परिवारों को काम देकर उम्मीद की नई किरण जगाई. इस विशाल निर्माण परियोजना में करीब 3000 कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की. 15 वर्षों की निरंतर प्रक्रिया के बाद 1943 में यह महल पूरी तरह तैयार हुआ. करोड़ों रुपये की लागत से बने इस महल ने न सिर्फ अकाल प्रभावितों को जीवन दिया, बल्कि इतिहास में इसे फेमिन वर्क (अकाल राहत निर्माण) की मिसाल के रूप में अमर कर दिया.

कितना समय लगा बनने मेंइस भवन को बनाने में करीब 15 साल लगे थे, ये 26 एकड़ में फैला है. साल 1929 में जोधपुर के महाराज महाराजा उम्मैद सिंह ने इस महल का निर्माण कराया था, जिसे पूरा होने में करीब 15 साल लग गए. बता दें कि साल 1943 में महल का निर्माण पूरा हुआ. सूर्यनगरी का उम्मेद भवन पैलेस दुनिया का सबसे बड़े रेसिडेंसियल पैलेस हैं

देश का सबसे नया और अनोखा शाही महलजोधपुर के अनुभवी गाइड के.पी. सिंह बताते हैं कि उम्मेद भवन पैलेस को भारत का सबसे नया शाही महल (Youngest Palace) माना जाता है, क्योंकि यह 1943 में बनकर तैयार हुआ और 1947 के बाद देश में कोई नया शाही महल नहीं बना. इसलिए यह गौरव सिर्फ उम्मेद भवन के नाम दर्ज है. महाराजा उम्मेद सिंह के नाम पर बना यह महल उनकी  संवेदनशीलता और प्रजा के प्रति गहरी निष्ठा का प्रतीक है.

महल की खासियतये महल तीन हिस्सों में बंटा है पहला रॉयल निवास, दूसरा उम्मेद भवन पैलेस म्यूजियम और तीसरा उम्मेद भवन पैलेस होटल है. उन्मेद ताज भवन सबसे पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन है. प्रियंका चोपड़ा, पीवी सिंधु जैसे कई सेलेब्स ने यहां शादी रचाई है. इस महल में 347 कमरे है. इसमें कई दरबार हॉल, स्विमिंग पूल, पुस्तकालय, बिलियर्ड रूम और विशाल भोजन कक्ष के साथ साथ गोल्फ कोर्स, गार्डन समेत तमाम लग्जरी सुविधाएं है.

Rupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें

Location :

Jodhpur,Rajasthan

First Published :

November 24, 2025, 14:13 IST

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भयंकर अकाल में रोजगार के लिए बना करोड़ों का उम्मेद भवन, आज विश्वभर में पहचान

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