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राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र की अनोखी पहल, ऊंटगाड़ी से पर्यटक कर सकेंगे सैर, जानें क्या है मकसद

Last Updated:January 05, 2026, 12:14 IST

Bikaner News: बीकानेर के राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र में पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों के लिए ऊंटगाड़ी भ्रमण सेवा शुरू की गई है. पारंपरिक शैली में तैयार ऊंटगाड़ी में एक साथ 9 लोग बैठ सकते हैं. इससे पर्यटकों को ऊंटों की नस्ल, संरक्षण, दूध उत्पादन और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी मिलेगी. यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ऊंट संरक्षण का संदेश भी दे रही है.

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बीकानेर. पर्यटन सीजन के आगमन के साथ ही राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) ने सैलानियों के लिए एक अनूठी सुविधा शुरू की है. केंद्र प्रशासन की ओर से विशेष रूप से तैयार की गई पारंपरिक ऊंटगाड़ी अब पर्यटकों को पूरे परिसर का भ्रमण कराएगी. इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को ऊंटों से जुड़ी संस्कृति, अनुसंधान और संरक्षण कार्यों से सीधे जोड़ना है. यह ऊंटगाड़ी पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधाजनक ढंग से तैयार की गई है. इसमें एक साथ 9 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जिससे परिवार और समूह एक साथ केंद्र का भ्रमण कर सकें. ऊंटगाड़ी को मजबूत ढांचे के साथ इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि सफर के दौरान संतुलन बना रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

पारंपरिक शैली में तैयार की गई यह ऊंटगाड़ी राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत करती है. राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र में आने वाले पर्यटक अब पैदल घूमने के साथ-साथ ऊंटगाड़ी में बैठकर पूरे परिसर का आनंद ले सकेंगे. केंद्र के निर्धारित समय में यह सुविधा उपलब्ध रहेगी. ऊंटगाड़ी के माध्यम से पर्यटकों को केंद्र में मौजूद विभिन्न ऊंट नस्लों, उनके रख-रखाव, खान-पान, दूध उत्पादन, ऊंट आधारित उत्पादों और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी. इससे पर्यटकों का अनुभव अधिक रोचक और ज्ञानवर्धक बनेगा.

पर्यटकों के लिए शुरू की गई है ऊंटगाड़ी सेवा

एनआरसीसी प्रशासन के अनुसार, सर्दियों के मौसम में बीकानेर पर्यटन अपने चरम पर होता है. देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक ऊंटों को देखने और रेगिस्तानी जीवनशैली को समझने के लिए राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र पहुंचते हैं. बढ़ती भीड़ और पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए यह ऊंटगाड़ी सेवा शुरू की गई है. इससे बुजुर्ग, बच्चे और विदेशी सैलानी भी आसानी से केंद्र का भ्रमण कर सकेंगे. यह पहल केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ऊंट संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है. ऊंटों की घटती संख्या और उनके महत्व को लेकर जागरूकता फैलाना केंद्र का मुख्य उद्देश्य है.

यादगार अनुभव साबित होगा ऊंटगाड़ी में भ्रमण

ऊंटगाड़ी में भ्रमण के दौरान पर्यटकों को ऊंटों की उपयोगिता, उनके दूध के औषधीय गुणों और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका के बारे में भी बताया जाएगा. पर्यटकों का कहना है कि ऊंटगाड़ी से केंद्र का भ्रमण करना एक यादगार अनुभव है. इससे उन्हें ऊंटों के बेहद करीब जाकर देखने और राजस्थान की परंपरागत संस्कृति को महसूस करने का अवसर मिल रहा है. आने वाले समय में केंद्र प्रशासन पर्यटकों के लिए और भी नई सुविधाएं विकसित करने की योजना बना रहा है, जिससे राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र बीकानेर का प्रमुख पर्यटन स्थल बन सके.

About the Authordeep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

Location :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

January 05, 2026, 12:14 IST

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