रेलवे मिडिल बर्थ नया नियम 2025

जोधपुर. रेल यात्रियों की सुविधा और अनुशासन बनाए रखने के लिए रेलवे ने एक बड़ा बदलाव लागू किया है. रिजर्व कोचों में मिडिल बर्थ के उपयोग को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना अब अनिवार्य होगा. रेलवे ने स्पष्ट कहा है कि मिडिल बर्थ केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही खोली जा सकेगी. इसके बाद इसे बंद रखना आवश्यक है, ताकि लोअर बर्थ पर बैठे यात्रियों को बैठने और चलने-फिरने में किसी प्रकार की असुविधा न हो.
रेलवे प्रशासन का कहना है कि कई बार यात्री रात 10 बजे से पहले ही मिडिल बर्थ खोल लेते हैं, जिससे लोअर बर्थ वाले यात्री बैठ नहीं पाते और कोच में विवाद की स्थिति बन जाती है. यह नियम लोअर बर्थ यात्री के बैठने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है. इसलिए रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे कोच में चढ़ने के बाद निर्धारित समय का ही पालन करें और सुबह ठीक 6 बजे मिडिल बर्थ को समेट दें. यह नियम स्लीपर कोचों में यात्रा को अधिक आरामदायक और व्यवस्थित बनाएगा.
रेलवे स्टाफ को भी मिले निर्देशऑन-बोर्ड टिकट निरीक्षक (TTE) और कोच स्टाफ को निर्देशित किया गया है कि वे यात्रियों को नियमों की जानकारी दें और आवश्यकता पड़ने पर गाइड करें. TTE अब इस नए नियम के पालन को सख्ती से सुनिश्चित करेंगे. रेलवे ने इसे सभी मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में लागू कर दिया है.
शिकायत कैसी करें? हेल्पलाइन 139 और रेल मदद ऐपजोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, यदि कोई यात्री नियम का पालन नहीं करता या किसी यात्री को परेशानी होती है, तो शिकायत हेल्पलाइन 139 पर दर्ज कराई जा सकती है. इसके अलावा, Rail Madad App के माध्यम से भी रियल-टाइम शिकायत दर्ज की जा सकती है. शिकायत के बाद TTE या संबंधित रेलवे स्टाफ तुरंत कार्रवाई करेगा.
नियम का उल्लंंघन करने पर क्या होगा?यदि कोई यात्री रात 10 बजे से पहले मिडिल बर्थ खोलता है, तो लोअर बर्थ का यात्री उसे रोकने का अधिकार रखता है. यदि फिर भी विवाद पैदा होता है, तो TTE कार्रवाई कर सकता है और शिकायत तुरंत दर्ज की जा सकती है. यह नियम यात्रियों के आपसी सहयोग और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए है.
नया समय क्या है? (Railway Middle Berth Rule)रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक — मिडिल बर्थ खोलने की अनुमति (सोने का समय)
सुबह 6 बजे के बाद — मिडिल बर्थ बंद रखना अनिवार्य (बैठने का समय)
उल्लंघन की स्थिति में — यात्री शिकायत कर सकता है
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों का सहयोग ही सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की कुंजी है.



