Secondary Education Board Examination: Marking Committee Submitted Rep – माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परीक्षा : मार्किंग कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

सीबीएसई के पैटर्न को बनाया आधार
12वीं के स्टूडेंट्स को देनी होगी प्रायोगिक परीक्षा
10वीं के रिजल्ट का आधार होंगे 8वीं और 9वीं के अंक
वहीं 12वीं के लिए 10वीं और 11वीं के अंकों के आधार पर लिया जाएगा निर्णय

जयपुर, 22 जून
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के नतीजों को लेकर सरकार की ओर से गठित कमेटी ने रिपोर्ट मंगलवार को तैयार कर ली है। कमेटी ने शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को रिपोर्ट सौंप दी। कमेटी ने 10 वीं और 12 वीं परीक्षा के नतीजों का फॉर्मूला सीबीएसई के पैटर्न पर ही रखा है। लेकिन प्रदेश की परिस्थितियों के हिसाब से उसमें आंशिक बदलाव किया है। हालांकि शिक्षा मंत्री इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से गठित 12 सदस्यीय मार्किंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि पिछली दो कक्षाओं के अंकों के आधार पर ही 10वीं और 12वीं के अंक दिए जाएंगे। अगर कोई विद्यार्थी इससे संतुष्ट नहीं है तो उसकी परीक्षा ली जाएगी। वहीं ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने प्राइवेट विद्यार्थी के रूप में फॉर्म भरा था उन्हें परीक्षा देनी होगी। कमेटी ने सीबीएसई बोर्ड के आधार बनाते हुए ही अपनी रिपोर्ट तैयार की है। अब इस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद सरकार आगामी एक दो दिन में अपना फैसला ले सकती है। वहीं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा देनी होगी।
समिति जो फार्मूला तैयार किया है उसके मुताबिक 10वीं के विद्यार्थी को 8वीं और 9वीं की अंकतालिका के आधार पर नंबर दिए जाएंगे। वहीं 12वीं के विद्यार्थी को 10वीं और 11वीं की मार्कशीट के आधार पर अंक दिए जाएंगे, साथ ही इसमें वर्तमान कक्षा में मिलने वाले इंटरनल माक्र्स भी जोड़े जाएंगे।
12वीं के स्टूडेंट की होगी प्रायोगिक परीक्षा
12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रायोगिक परीक्षा देनी ही होगी। शिक्षा विभाग इसे लेकर गृह विभाग से स्वीकृति लेगा यदि स्वीकृति मिल जाती है तो विद्यार्थियों की ऑफलाइन प्रायोगिक परीक्षा ली जाएगी यदि स्वीकृति नहीं मिलती तो ऑनलाइन परीक्षा ली जाएगी।