Priyanka from Nagaur Becomes Rajasthan Hockey Captain

Last Updated:November 09, 2025, 11:02 IST
Success Story: नागौर की 16 वर्षीय प्रियंका ने गाँव से निकलकर राजस्थान महिला हॉकी टीम की कप्तान बनकर इतिहास रच दिया. 2022 की स्टेट चैम्पियनशिप में 18 गोल दागकर उन्होंने अपनी प्रतिभा साबित की. संघर्षों के बीच उन्होंने अपनी मेहनत से पहचान बनाई और अब भारत के लिए खेलने का सपना देख रही हैं.
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नागौर. नागौर जिले के छोटे से गाँव पोटलिया मांजरा की 16 वर्षीय प्रियंका आज राजस्थान महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं. उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और जज़्बे से यह मुकाम हासिल किया है. गाँव के सरकारी स्कूल से खेल की शुरुआत करने वाली प्रियंका ने साबित कर दिया कि सपने चाहे जितने बड़े हों, मेहनत और हौसला उन्हें हकीकत में बदल सकता है. उनकी कहानी राजस्थान की लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा है.
प्रियंका का सितारा पहली बार तब चमका जब उन्होंने 2022 में 66वीं राज्य स्तरीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता में कप्तान के रूप में अपनी टीम को विजेता बनाया. उन्होंने चार मैचों में अकेले 18 गोल दागकर सबको चौंका दिया. उस टूर्नामेंट में नागौर ने सीकर को 7-1 से हराकर खिताब जीता था और प्रियंका को “बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का खिताब भी मिला था.
2023 में भी प्रियंका के नेतृत्व में नागौर ने लगातार दूसरी बार स्टेट चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया. इस प्रतियोगिता में उनकी टीम ने छह मैचों में 10 गोल किए, जिससे प्रियंका की नेतृत्व क्षमता और खेल की समझ की खूब सराहना हुई.
सरपंच ने पहचानी प्रतिभा, कोच ने दिया मार्गदर्शनप्रियंका की सफलता के पीछे रायधनु गाँव के सरपंच ओमाराम भादू का भी अहम योगदान रहा है, जो स्वयं एक हॉकी खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने गाँव के बच्चों को हॉकी की ट्रेनिंग देना शुरू किया और प्रियंका की असाधारण प्रतिभा को पहचानकर उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ाया. आज भी प्रियंका उन्हीं की देखरेख में कड़ा प्रशिक्षण लेती हैं और सफलता का श्रेय अपने कोच को देती हैं.
पिता के निधन के बाद मां ने संभाली जिम्मेदारीप्रियंका का यह सफर चुनौतियों भरा रहा है. उनके पिता परमाना राम का देहांत हो चुका है. ऐसे में उनकी माँ बाबू देवी ने ही घर और बेटी दोनों की जिम्मेदारी उठाई है और प्रियंका को हर कदम पर सहयोग दिया है. प्रियंका सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती हैं और रोज़ाना सुबह हॉकी की प्रैक्टिस करती हैं. वे पढ़ाई और खेल दोनों को समान महत्व देती हैं.
अब सपना है भारत के लिए खेलनाप्रियंका का अगला सपना है कि वह एक दिन भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा बने और देश का नाम रोशन करे. उनके कोच का कहना है कि प्रियंका में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और जुनून तीनों गुण हैं, जो उन्हें भविष्य की बड़ी खिलाड़ी बनाते हैं.
Location :
Nagaur,Nagaur,Rajasthan
First Published :
November 09, 2025, 11:02 IST
नागौर की ‘गोल क्वीन’ प्रियंका… गांव के मैदान से नेशनल स्टार तक का सफर!



