School Closed: राजस्थान में कड़ाके की सर्दी! सीकर समेत 14 जिलों के स्कूल बंद, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

Rajasthan School Closed: राजस्थान में कड़ाके की सर्दी का सितम जारी है. हाड़ कंपाने वाली शीतलहर ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. बर्फीली हवाओं के बीच सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूली बच्चों को हो रही थी. सर्दी के साथ शीतलहरी के चलते राजस्थान के 14 से अधिक जिलों में स्कूलें बंद कर दी गई है. वहीं शेखावाटी क्षेत्र सीकर में कड़ाके की सर्दी के चलते 6 जनवरी को शीतकालीन छुट्टियां खत्म होने से पहले स्कूली बच्चों के छुट्टी का ऐलान किया गया है. सीकर सहित जयपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बूंदी, बारां, दौसा, चित्तौड़गढ़, अजमेर, कोटा, झालावाड़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, भीलवाड़ा जैसे जिलों में प्रशासन ने शीतलहर के बढ़ते प्रभाव और मौसम विभाग के अलर्ट के बाद ये फैसला लिया है.
सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा के आदेश के अनुसार, क्लास 1 से लेकर 8 तक के बच्चों की 10 जनवरी तक छुट्टियां रहेगी. इसके अगले दिन 11 जनवरी को रविवार है. ऐसे में अब कक्षा 1 से 8वीं तक के स्टूडेंट्स 12 जनवरी को ही स्कूल आएंगे. इसके अलावा, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने 9 से 12 क्लास के स्टूडेंट्स को भी कड़ाके की सर्दी में राहत के आदेश जारी किए हैं. आदेश के अनुसार 9 से 12 क्लास के बच्चों के स्कूली समय में भी बदलाव किया है. अब कक्षा 9 से 12 की क्लास सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लगेंगी. कलेक्टर का ये आदेश जिले की सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों पर लागू होगा.
टीचर्स की नहीं रहेगी छुट्टी
जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अभी केवल स्कूली बच्चों की ही छुट्टी रहेगी. बाकी स्कूल स्टाफ रुटीन ड्यूटी के लिए स्कूल जाएंगे. आदेश के अनुसार कि मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए बच्चों का सुबह तड़के स्कूल आना मुश्किल हो रहा है. पूरे राजस्थान में सीकर जिले का तापमान सबसे कम दर्ज हो रहा है. बीते कुछ दिनों पर यहां कोहरे ठंडी हवा और पारा जमाव बिंदु पर जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से मिली रिपोर्ट के आधार पर और प्रदेश सरकार की ओर से अधिकृत किए जाने के बाद 10 जनवरी तक सीकर जिले में संचालित सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों की छुट्टी रहेंगी. यह आदेश सभी सरकारी और गैर सरकारी (प्राइवेट) स्कूलों के लिए मान्य होगा. जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बताया कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस अवकाश की घोषणा की गई है.
लापरवाही पर होगी सर्जिकल कार्रवाई
कलेक्टर के आदेशों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी निजी या सरकारी शिक्षण संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा. यदि कोई स्कूल नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को बुलाता है, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा अगर कोई भी सरकारी स्कूल का स्टाफ आदेश के बावजूद भी स्कूल नहीं आता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.



