हमें भीख की तरह पैसे ऑफर किए जा रहे; गोवा अग्निकांड में पति-बहनों को खोने से सदमे में भावना, बयां किया दर्द

Last Updated:December 11, 2025, 23:07 IST
Goa Nightclub Fire: भावना ने उस दिन को याद करते हुए कहा, “हम सब मजे कर रहे थे. सब कुछ सामान्य था. अचानक वहां आग लग गई.” उन्होंने बताया, ‘शुरुआत में कम आग लगी थी, लेकिन उसे काबू नहीं किया जा सका, कुछ ही समय में आग बेकाबू हो गई. मेरे पति और मेरी बहनें उसमें फंस गए. ये सब कुछ मैंने अपनी आंखों से देखा.”
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गोवा हादसे में भावना जोशी के पति और तीन बहनों की मौत हो गई.
नई दिल्ली. गोवा नाइट क्लब अग्निकांड में दिल्ली के करावल नगर की रहने वाली भावना जोशी अपने पूरे परिवार को खो चुकी हैं. इस हादसे में उनके पति और तीन बहनों की मौत हो गई और वह अकेली बच पाईं. घटना के बाद भावना गहरे सदमे में है और उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में अपना दर्द बयां किया. भावना ने कहा, ‘क्या बोलूं मैं, मेरा तो पूरा परिवार खत्म हो गया. मेरे पति ही मेरे घर के पिलर थे, मेरी तीनों बहनें मेरे साथ थीं. एक ही पल में सब खत्म हो गया. अग्निकांड में मरने वालों में भावना के पति विनोद कुमार (43) और तीन बहनें, कमला जोशी (42), अनीता जोशी (41) और सरोज जोशी (39) शामिल हैं. भावना भी उस दौरान नाइट क्लब में ही मौजूद थी और वह बच गई.
उन्होंने कहा कि हादसे की रात वे लोग करीब 11:15 बजे क्लब में एंट्री किए थे. सब कुछ सामान्य था. म्यूजिक, डांस और माहौल सब ठीक लग रहा था. अचानक एक छोटी सी आग दिखी, लेकिन क्लब में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. वहां न फायर अलार्म था, न कोई इमरजेंसी एग्जिट का इंतजाम, न सुरक्षाकर्मी. कुछ ही सेकंड में आग बेकाबू हो गई और दो मिनट के अंदर पूरा क्लब धुएं और आग की चपेट में आ गया. लोग गेट तक पहुंच भी नहीं पाए. उन्होंने कहा कि आग पानी की तरह फैल गई. किसी को समझने तक का मौका नहीं मिला.
भावना का आरोप है कि क्लब पूरी तरह अनऑथराइज्ड और बिना लाइसेंस के चल रहा था. मालिकों ने किसी भी तरह की सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया था. उन्होंने कहा कि जो लूथरा ब्रदर्स गिरफ्तार हुए हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और परिवार ऐसी त्रासदी झेलने पर मजबूर न हो.
सबसे दुखद बात यह है कि हादसे के बाद गोवा प्रशासन का व्यवहार भी उनके प्रति संवेदनशील नहीं है. भावना का कहना है कि प्रशासन उनसे बार-बार संपर्क कर रहा है और 2 लाख मुआवजा देने के नाम पर बैंक डिटेल मांग रहा है. उन्होंने कहा कि हमें बार-बार फोन करके परेशान किया जा रहा है. हमें भीख की तरह पैसे ऑफर किए जा रहे हैं. मेरे लिए यह रकम कुछ भी नहीं है. मेरा पूरा परिवार चला गया. अब मैं इन पैसों का क्या करूंगी?
भावना का कहना है कि किसी ने उनसे ठीक से संपर्क भी नहीं किया, बस मुआवजे की बात करके फोन किए जा रहे हैं. उनके लिए सबसे जरूरी न्याय है, अपने परिवार के लिए और उन सभी लोगों के लिए जो इस हादसे के शिकार हुए. भावना का कहना है कि जिन लोगों ने गैरकानूनी तरीके से क्लब चलाया, सुरक्षा इंतजाम नहीं किए और लोगों की जान जोखिम में डाली, उन सब पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही, यह हादसा किसी और परिवार के साथ दोबारा न हो, इसके लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
December 11, 2025, 23:03 IST
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हमें भीख की तरह पैसे ऑफर किए जा रहे; पति-बहनों को खोने से सदमे में भावना


