जौ और गेहूं की फसल पर बढ़ गया है दीमक का खतरा? किसान इस दवा का करें छिड़काव, नियंत्रण में मिलेगी मदद

Last Updated:January 01, 2026, 08:49 IST
Agriculture News: अलवर जिले में किसानों ने रबी सीजन में बड़े पैमाने पर गेहूं की बुवाई की है. खैरथल-तिजारा जिले में 1.39 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में विभिन्न फसलों का लक्ष्य रखा गया है. सर्दी के मौसम में गेहूं और जौ की फसलों में खरपतवार और दीमक का खतरा बढ़ जाता है. इसे देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को समय पर निंदानाशी और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके.
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अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में किसानों ने बड़े पैमाने पर गेहूं की बुवाई की है. अकेले खैरथल तिजारा जिले में इस बार रबी उत्पादन योजना के तहत कुल 1,39,950 हेक्टेयर में बुआई का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य में विभिन्न फसलों का हिस्सा इस प्रकार है. जहां सरसों 85,500, गेहूं 47,300, चना 950, जौ 1,200, पशु चारा 5,000 हेक्टेयर लक्ष्य रखा गया. ऐसे में जिले के किसान अभी अपने खेतों में सिंचाई करने सहित अन्य कार्यों में लगे हुए हैं. सर्दी के मौसम में गेहूं की फसल में खरपतवार बढ़ जाती है जिसके कारण फसल प्रभावित होती है.
ऐसे में किसान खरपतवार नष्ट करने के लिए कृषि अधिकारियों की सलाह लेकर खरपतवार नष्ट करने की दवा का छिड़काव करें. कृषि अधिकारियों ने बताया कि खरपतवार नष्ट करने के लिए गेहूं की बुवाई के 30-35 दिन बाद 2-4 डी एस्टर 38% ई.सी. या 4 ग्राम मेटासल्फुरान मिथाइल (सक्रिय तत्व) निंदानाशी रसायन को 500-700 लीटर पानी में घोल कर छिडकाव करें. जिससे गेहूं के खेत में खड़ी खरपतवार नष्ट हो जाएगी और उत्पादन बढ़ाने की संभावना होगी.
जौ की फसल में कीट लगने पर करें ये उपाय
इसके अलावा खैरथल तिजारा जिले में जौ करीब 1,200 हेक्टेयर में जो की खेती करने का कृषि विभाग में लक्ष्य रखा. जिन किसानों ने जौ की खेती कर रखी है वह भी अपनी फसल के बचाव के लिए उपाय कर सकते हैं. कृषि अधिकारियों ने बताया कि जौ की फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नष्ट करने के लिए बुआई के 40 दिन के बाद किसान अपने खेत में प्रति हेक्टेयर आधा किलोग्राम 2-4 डी. एस्टर साल्ट 38% ईसी रसायन का 600-800 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें.
फसल में दीमक लगने पर किसान करें ये उपाय
वहीं सर्दी के मौसम में गेहूं और जौ के खेतों में दीमक लगने की भी संभावना बढ़ जाती है. जिसके कारण किसान काफी परेशान हो जाते हैं. ऐसे में गेहूं और जौ की खड़ी फसल में दीमक नियंत्रण के लिए किसान क्लोरपाइरीफोस 20% ईसी 4 लीटर 80-100 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर एक हैक्टेयर में समान रूप से फैलाएं और हल्की सिंचाई करें. खेत में खड़ी फसल को लगने वाले दीमक से बचाया जा सके.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
January 01, 2026, 08:49 IST
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जौ और गेहूं की फसल पर बढ़ गया है दीमक का खतरा? किसान अपनाएं ये कारगर उपाय



