पाली क्षेत्र के सिंघाड़े की पूरे राजस्थान में रहती है डिमांड, कैल्सियम से भरपूर और पानी की करता है पूर्ति

जोधपुर : आमतौर पर सिंघाड़े की फसल तालाबों और नदियों में होती है. जिसके चलते इस फसल के मौसम के आते ही पाली के सभी बड़े एवं छोटे तालाबों में इस फसल की बुवाई चालू हो जाती है. क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने के कारण पाली के सभी तालाबों में सिंघाड़े की पैदावार काफी अच्छी मात्रा में हो रही है. जिसके कारण इस बार सिंघाड़े की फसल से जुड़े हुए किसान भी खुश नजर आ रहे हैं. वैसे तो अक्सर सिंघाड़े की फसल राजस्थान के कई क्षेत्रों में होती है लेकिन इसमें पाली क्षेत्र की बात करें तो यहां के सिंघाड़े की मिठास के कारण मशहूर है मीठा और स्वादिष्ट सिंघाड़े होने के कारण इस सिंघाड़े के पाली के आस पास के राज्य में भी डिमांड होती है.जोधपुर की हर सड़क पर सिंघाड़े की खुशबू ताजगी भरे स्वाद के लिए मशहूर हैं इन दिनों जोधपुर के प्रमुख मार्गो जालोरीगेट,पाल रोड,पावटा रोड पर हर जहग पाली के सिंघाड़े छाए हुए हे.
पाली सिंघाड़े की मिठास के दूर-दूर तक के लोग दीवानेवैसे तो अक्सर सिंघाड़े की फसल राजस्थान के कई क्षेत्रों में होती है लेकिन इसमें पाली क्षेत्र की बात करें तो यहां के सिंघाड़े की मिठास के कारण मशहूर हैं मीठा और स्वादिष्ट सिंघाड़े होने के कारण पाली के आस पास के राज्य में भी इसकी डिमांड होती है. लोग इतने दीवाने हैं दूर बैठे परिवार के लोग अपने परिवार और रिश्तेदारों से भी मंगवाते है, जिसके कारण यह सिंघाड़ा राजस्थान सहित जोधपुर,भीलवाड़ा, ब्यावर, सवराड़, गोमती, केकड़ी, खरवा शहरों में बिकने जाता है.
जानिए कब होती है इसकी फसलसिंघाड़ा उत्पादक किसान रमेश ने लोकल 18 से बताया कि सितम्बर और अक्टूबर में इसकी फसल को तालाबों में रोपा जाता है. कड़ी मेहनत और देखभाल के बाद करीब 4 महीने में यह ऋतु फल तैयार होता है. इसके बाद यह बाजार में बिकने जाता है. तालाब में पानी से पाली में सिंघाड़े की खेती होती हे। इस कारण जोधपुर,भीलवाड़ा, ब्यावर, सवराड़, गोमती, केकड़ी, खरवा इत्यादि स्थानों के यहां सिंघाड़े 70 से 90 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचे जा रहे हैं.इनका स्वाद पाली के सिंघाड़ों की तुलना में फीका बताया जाता है। जबकि पाली के मीठे सिंघाड़ों का स्वाद और मिठास आपनी आलग ही पहचान रखता है.
जानिए क्या है इसके फायदेपानी में होने वाले इस फल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके सेवन से हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं. यह शरीर में पानी की पूर्ति करता है. सिंघाड़ा शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है इसलिए इसका सबसे ज्यादा सेवन में उपवास के दिन खाने में किया जाता है.
पाली के सिंघाड़े जोधपुर की सड़कों पर छाएपाली के तालाबों में उगने वाले सिंघाड़े अब दूर-दूर तक के लोगों के दीवाने बन गए हैं। जोधपुर की हर सड़क पर सिंघाड़े की खुशबू ताजगी भरे स्वाद के लिए मशहूर हैं इन दिनों जोधपुर के प्रमुख मार्गो जालोरीगेट,पाल रोड,पावटा रोड पर हर जहग पाली के सिंघाड़े छाए हुए हैं.
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FIRST PUBLISHED : October 12, 2024, 01:41 IST