Weather News: सावधान! तेजी से आ रहा तूफान, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, दिल्ली में भी AQI ने बिगाड़ा हाल

दिल्ली यूपी जैसे उत्तर भारत के राज्यों से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली और आसपास इलाके के लोग जहां धूएं और धूल भरी जहरीली हवा से परेशान हैं, तो वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में आज भारी बारिश और तूफानी हवाओं का कहर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में आज भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है. वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ही गंभीर श्रेणी में बना हुआ है, जिससे लोगों का जीना मोहाल हो रखा है.
मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु और केरल में 22 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा पुडुचेरी, दक्षिणी और तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में भी तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है.मौसम विभाग का रेड अलर्ट, स्कूल कॉलेज बंद
तमिलनाडु में चेंगलपट्टू, विलुपुरम, कड्डलूर और मयिलादुथुरै जिलों में बुधवार को सबसे ज्यादा खतरा बताया गया है. इन चार जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. तमिलनाडु सरकार ने आपात राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की.
चक्रवात की चेतावनी
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो चेन्नई से करीब 400 किलोमीटर दूर है. यह आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है. यह सिस्टम आज डिप्रेशन में बदल सकता है और आगे चलकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है.
मौसम विभाग ने तमिलनाडु के आठ जिलों विलुपुरम, कड्डलूर, मयिलादुथुरै, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर, तंजावुर, पुदुकोट्टई और रामनाथपुरम में रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, चेन्नई को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है. पुडुचेरी प्रशासन ने भी बुधवार को स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर दी है और राहत-बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयार रखा है.
बदलेगा मौसम का मिजाज
उधर पूर्वी और मध्य भारत में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में 21 से 27 अक्टूबर तक लगातार बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का अनुमान है. वहीं, ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भी अगले दो दिनों में मौसम बिगड़ सकता है. उत्तराखंड में 22 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश में 21 व 22 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है.
उत्तर भारत में मौसम स्थिर, लेकिन हवा ‘जहर’ बनी
दूसरी ओर, उत्तर भारत की राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 355 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.
दिल्ली के कई क्षेत्रों जहांगीरपुरी, बवाना, वजीरपुर, अलीपुर और बुराड़ी क्रॉसिंग में AQI 400 से ऊपर चला गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी का स्तर है. विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली के बाद पटाखों के धुएं, पराली जलाने और वाहनों के प्रदूषण ने वायु गुणवत्ता को और बिगाड़ दिया है. मौसम विभाग का अनुमान है कि हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक कण जल्द खत्म नहीं होंगे और अगले दो-तीन दिनों तक प्रदूषण का स्तर इसी तरह ऊंचा रहेगा.


