Weather Report: आज से नए साल तक बारिश का अलर्ट, IMD की चेतावनी, दिल्ली से UP-बिहार तक ठंड का दिखेगा रौद्र रूप

Weather News: मौसम लगातार बदल रहा है. नए साल आने से पहले मौसम ने अपने सभी रंग दिखा दिए. दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सुबह-शाम सर्दी, कोहरा, दोपहर के समय कड़ाके की धूप बीते एक हफ्ते में मौसम के सारे रंग और रूप देखने को मिले. अब मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि राजस्थान में बने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तर भारत में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान में बना पश्चिमी विक्षोभ हिमालय की तरफ बढ़ना शुरू हो गया है और कुछ ही समय में एक हल्का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है, जिसकी वजह से पंजाब और हरियाणा के आसपास आसमान में बादल पहले ही छाने लगे हैं. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 30-31 दिसंबर और 1 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है. इस मौसम में यह बारिश दिल्ली-एनसीआर के लिए संजीवनी बनकर आएगी. क्योंकि पूरा दिल्ली एनसीआर जहरीले हवाओं से जूझ रहा है. ये बारिश ही इस प्रदूषण से राहत की आखिरी उम्मीद है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम राजस्थान और दिल्ली 30 दिसंबर यानी कि मंगलवार से 1 जनवरी तक बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी को बारिश होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान में बने पश्चिमी विक्षोभ की वजह से दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की संभावना है. इस बारिश से दिल्ली-एनसीआर में भले ही कड़ाके की सर्दी बढ़ेगी, लेकिन गैस चैंबर बनी दिल्ली को राहत देकर जाएगी. नवंबर में दीपावली के बाद से ही दिल्ली में जहरीली दवाओं का डेरा पड़ा है. लगातार 2 महीना से दिल्ली का एक्यूआई 300 से 500 के बीच बना हुआ है. लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंख में जलन और फेफड़ों की समस्याएं होने लगी है. कई लोग तो राजधानी छोड़कर दूसरे जगह जाने की वकालत करने लगे हैं. बताते चले कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली का एक्यूआई 400 से 450 के बीच बना हुआ है जो अत्यंत गंभीर कैटेगरी में आता है.
तापमान कैसा रहेगा
मौसम विभाग ने बारिश की पूर्वानुमान के बाद तापमान को लेकर भी संभावना जताया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर पश्चिमी भारत में अगले तीन दिनों तक तीन से चार डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने की संभावना है यानी जब आसमान में बादल छाए रहेंगे तो दिल्ली का तापमान बढ़ेगा. हालांकि, उसके बाद फिर से तापमान धड़ाम से गिरेगा और पारा 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा. वहीं, मौसम विभाग ने मध्य भारत के लिए भी तापमान का पूर्वानुमान जताते हुए बताया कि अगले 5 दिनों तक मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से, छत्तीसगढ़ और बिहार के भी कुछ हिस्से में अगले 5 दिनों तक दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक तापमान में बढ़ोतरी देखी जा सकती है. वहीं, पूर्वी भारत में तापमान में दो दिनों तक कोई बदलाव नहीं होगा. हालांकि, उसके बाद तीन दिनों तक तापमान गिरने लगेगा. मौसम विभाग ने गुजरात और महाराष्ट्र के लिए भी पूर्वानुमान जताया है. मौसम विभाग ने बताया कि आज से तीन दिन बाद यानी न्यू ईयर से गुजरात में पारा गिरना शुरू हो जाएगा. वहीं, महाराष्ट्र में और भी कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली है क्योंकि जनवरी में महाराष्ट्र में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और पारा गिरेगा.
कोहरे की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूरे नॉर्थ इंडिया के लिए कोहरे की चेतावनी जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और पंजाब में न्यू ईयर की शाम तक घनघोर कोहरे छाए रहेंगे. पूर्वी उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक 2 जनवरी 2026 तक कोहरे छाए रहेंगे. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर ‘घने से बहुत घने कोहरे’ (Dense to Very Dense Fog) की चेतावनी जारी की है.
शीतलहर की चेतावनी
आज छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में ‘शीत लहर’ (Cold Wave) चलने की संभावना है, जबकि झारखंड में भी 28 दिसंबर को शीत लहर के हालात बने रहने के आसार हैं. वहीं, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ‘सीवियर कोल्ड डे’ (Severe Cold Day) की स्थिति रहने का अनुमान है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है.
स्कूल जाते बच्चे. (पीटीआई)
मैदानी इलाकों की ठंड के अलावा तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में गरज-चमक के साथ बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. दक्षिण भारत में मुन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (Squally winds) चल सकती हैं.


